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और विकराल हो सकती है ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग, 48 करोड़ वन्य जीवों की मौत


Updated: January 7, 2020, 6:35 PM IST
और विकराल हो सकती है ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग, 48 करोड़ वन्य जीवों की मौत
ऑस्ट्रेलिया की भयावह आग का असर न्यू जीलैंड तक पहुंच गया है.

कोआला (Koala)ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में वृक्षों पर रहनेवाला दुर्लभ प्रजाति का जानवर है. फैसकोलार्कटिडाए (Phascolarctidae) प्रजाति का कोआला खासतौर पर पूर्वी और दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के तटवर्ती क्षेत्रों में पाया जाता है.

  • Last Updated: January 7, 2020, 6:35 PM IST
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ऑस्ट्रेलिया (Australia) के जंगलों में बीते 4 माह से लगी भीषण आग ने जहां क्षेत्र का भूगोल बिगाड़ कर रख दिया है, वहीं जान-माल को भी काफी नुकसान पहुंचाया है. इस आग से अब तक 18 लोगों ने अपनी जान गंवाई है और हजारों घर तबाह हो गए हैं. आग का सबसे बुरा असर जैव विविधता के लिए मशहूर ऑस्ट्रेलिया के वन्य जीवन पर पड़ा है. अब तक बड़ी संख्‍या में पशु-पक्षियों, वन्य जीवों के मारे जाने की खबर है. इनमें ज्‍यादातर कोआला और कंगारू हैं, जो खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में पाए जाते हैं.

ऑस्ट्रेलिया में इस सीजन में आग से संबंधित घटनाओं में 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. हालांकि मंगलवार को हुई बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दिलाई है, मगर अधिकारियों ने आशंका जताई है कि आने वाले समय में ये आग और विकराल रूप धारण कर सकती है. इस बीच प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने पुनर्निर्माण के लिए एक दशमलव चार अरब डॉलर की सरकारी मदद की घोषणा की है.

अनुमान के मुताबिक 48 करोड़ वन्य जीवों, पक्षियों को नुकसान
चार महीने पहले ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है. यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के इकोलॉजिस्ट का कहना है कि अब तक 48 करोड़ वन्य जीवों की मौत आग में झुलसने से हुई है. मरने वाले वन्य जीवों में स्तनधारी पशु, पक्षी और रेंगने वाले जीव सभी शामिल हैं. जंगल में आग लगने के बाद से राष्ट्रीय पशु कंगारू शहरों की ओर भाग रहे हैं. आगे और नुकसान न हो और जानवरों को बचाया जा सके, इसलिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा है.

कोआला पर पड़ा बुरा प्रभाव
सिडनी यूनिवर्सिटी के इकोलॉजिस्ट का अनुमान है कि करीब 48 करोड़ पशु-पक्षी, वन्य जीव इस आग में जल कर स्‍वाहा हो गए. इसका असर उनकी संख्‍या पर भी पड़ा है. न्यू साउथ वेल्स के मध्य-उत्तरी इलाके में सबसे अधिक कोआला रहते हैं. जंगलों में लगी इस आग की वजह से उनकी आबादी में भारी गिरावट दर्ज की गई है. ऐसे में वन्य जीवों को बचाने और आग पर काबू पाने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

दुलर्भ प्रजाति का है कोआला भालूकोआला (Koala)ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में वृक्षों पर रहनेवाला दुर्लभ प्रजाति का जानवर है. फैसकोलार्कटिडाए (Phascolarctidae) प्रजाति का कोआला खासतौर पर पूर्वी और दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के तटवर्ती क्षेत्रों में पाया जाता है. दरअसल, 20वीं सदी में दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के अधिकतर कोआला को मार दिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें संरक्षित करने के लिए अभियान चलाया गया.

करीब 200 घरों तक पहुंचा आग का प्रभाव
जहां इस आग से वन्‍य जीवों की जान पर खतरा है, वहीं 200 से अधिक घर भी जलकर खाक हो गए हैं. लगातार बढ़ती आग का असर अब सिडनी तक पहुंच गया है. ऐसे में हजारों की संख्या में लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया.

आग का असर न्यूजीलैंड तक पहुंचा
ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग इतनी भयावह है कि इसका असर न्यूजीलैंड तक पहुंच गया है. स्‍थानीय लोग आपात सेवा पर लगातार फोन कर आसमान में नारंगी रंग के धुएं की परत होने की सूचना दे रहे हैं. हालात यह हैं कि धुएं ने दक्षिणी द्वीप के अधिकांश हिस्सों को ढक लिया है. अब यह धुआं द्वीप के उत्तरी हिस्से तक पहुंच गया है.

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First published: January 7, 2020, 5:40 PM IST
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