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यूक्रेन के 4 क्षेत्रों पर कब्जे को लेकर UNGA में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव, मतदान से दूर रहा भारत

संयुक्त राष्ट्र महासभा में यूक्रेनी क्षेत्रों पर कब्जे को लेकर रूस के खिलाफ पेश निंदा प्रस्ताव पर वोटिंग से भारत ने दूरी बनाई. (File Photo)

संयुक्त राष्ट्र महासभा में यूक्रेनी क्षेत्रों पर कब्जे को लेकर रूस के खिलाफ पेश निंदा प्रस्ताव पर वोटिंग से भारत ने दूरी बनाई. (File Photo)

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने बुधवार को 4 यूक्रेनी क्षेत्रों पर रूसी कब्जे के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव पारित किया, जि ...अधिक पढ़ें

वाशिंगटन: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने बुधवार को 4 यूक्रेनी क्षेत्रों पर रूसी कब्जे के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव पारित किया, जिसके पक्ष में 143 सदस्य देशों ने मतदान किया, जबकि 5 ने विरोध में वोट दिया. वहीं, भारत समेत 35 अन्य देशों ने मतदान से परहेज किया और अनुपस्थित रहे. कुछ दिनों पहले यूएनजीए में रूस के खिलाफ इसी तरह का एक और निंदा प्रस्ताव पेश हुआ था,​ जिसके खिलाफ रूस ने अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल किया था, उस वक्त भी भारत मतदान से अनुपस्थित रहा था. भारत ने पिछले कुछ दिनों में यूक्रेन में संघर्ष के तेज होने पर गहरी चिंता व्यक्त की.

संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने यूएनजीए में कहा कि नई दिल्ली यूक्रेन में संघर्ष के बढ़ने पर चिंतित है, जिसमें नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना और नागरिकों की मौत शामिल है. उन्होंने कहा, ‘हमने लगातार इस बात की वकालत की है कि मानव जीवन की कीमत पर कोई समाधान कभी नहीं हो सकता. भारत जिस वैश्विक व्यवस्था का सदस्य है वह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सभी राज्यों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान पर आधारित है. इन सिद्धांतों को बिना किसी अपवाद के बरकरार रखा जाना चाहिए.’

रुचिरा कंबोज ने कहा, ‘मतभेदों और विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत ही एकमात्र उपाय है, चाहे वह कितना ही कठिन क्यों न हो. शांति के मार्ग के लिए हमें कूटनीति के सभी रास्तों को खुला रखने की आवश्यकता है…भारत तनाव कम करने के उद्देश्य से ऐसे सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है. अभी और भी दबाव वाले मुद्दे चल रहे हैं, जिनमें से कुछ को आज मतदान किए गए प्रस्ताव में पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि मतदान से दूर रहने का हमारा निर्णय हमारी सुविचारित राष्ट्रीय स्थिति के अनुरूप है. मेरे प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा था कि यह युद्ध का युग नहीं है. बातचीत और कूटनीति के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयास करने के इस दृढ़ संकल्प के साथ, भारत ने इससे बचने का फैसला किया है.’

रुचिरा ने आगे कहा कि चूंकि विकासशील देश ईंधन, खाद्य और उर्वरक आपूर्ति पर (यूक्रेन) संघर्ष के परिणामों का खामियाजा भुगत रहे हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि वैश्विक दक्षिण की आवाज सुनी जाए और उनकी वैध चिंताओं पर विधिवत ध्यान दिया जाए. यूएनजीए सदस्यों द्वारा लाया गया यह नया प्रस्ताव ‘तथाकथित जनमत संग्रह’ के बाद रूस द्वारा चार यूक्रेनी क्षेत्रों पर अवैध रूप से कब्जा करने के प्रयास की निंदा करता है. इस प्रस्ताव के खिलाफ किसी भी सदस्य ने वीटो का प्रयोग नहीं किया. यह मतदान सोमवार को यूएनजीए में यूक्रेन और रूस के बीच भिड़ंत के दो दिन बाद हुआ. सोमवार को संयुक्त राष्ट्र की बैठक में यूक्रेन ने रूस पर कड़ा तंज कसते हुए उसे ‘आतंकवादी देश’ बताया था. यूक्रेन में हुए रूस के ताजा हमलों के बाद तत्काल बुलाई गई इस बैठक में रूस की निंदा की गई थी. साथ ही पश्चिमी देशों ने रूस को ‘आतंकवादी देश’ निरुपित करते हुए मॉस्को को अलग-थलग करने की जरूरत पर जोर दिया.

Tags: Russia, UNGA, United Nations General Assembly

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