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UNSC में रूस पर पारित प्रस्ताव में वोटिंग से भारत ने बनाई दूरी, अमेरिका ने कहा- यह बेहद आश्चर्यजनक है

यूक्रेन संकट को लेकर UNSC में मीटिंग हुई. (फाइल फोटो)

यूक्रेन संकट को लेकर UNSC में मीटिंग हुई. (फाइल फोटो)

India in UNSC,Russia-Ukraine War: बता दें कि यूक्रेन संकट को लेकर पारित इस प्रस्ताव में रूस और यूक्रेन के बीज राजनीतिक ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच 30 दिन से युद्ध (Russia Ukraine War) चल रहा है. इस बीच बुधवार को संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद (UNSC) में रूस के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया गया. इस प्रस्ताव पर भारत समेत कुल 13 देशों ने वोटिंग नहीं की. अब इस मामले में शुक्रवार को अमेरिका की तरफ से एक प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि यूक्रेन संकट को लेकर संयुक्ट राष्ट्र में भारत की स्थिति आश्चर्यजनक है.

बता दें कि यूक्रेन संकट को लेकर पारित इस प्रस्ताव में रूस और यूक्रेन के बीज राजनीतिक वार्ता, बातचीत, मध्यस्थता और अन्य दूसरे तरीकों से तत्काल रूस से युद्ध का समाधान निकालने की बात कही गई थी. भारत ने इस प्रस्ताव पर वोटिंग से दूरी बना ली. शुक्रवार को व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया कि यूक्रेन संकट पर भारत की स्थिति असंतोषजनक रही है, लेकिन रूस के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए यह काफी आश्चर्यजनक है.

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व्हाइट हाउस नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में इंडो-पैसिफिक के निदेशक मीरा रैप-हूपर ने वाशिंगटन के स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज इंडिया द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन फोरम को बताया कि रूस के साथ घनिष्ठ संबंधों को जारी रखने के लिए विकल्पों की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि “मुझे लगता है कि हम निश्चित रूप से स्वीकार करेंगे और सहमत होंगे कि जब संयुक्त राष्ट्र में वोट की बात आती है, तो मौजूदा संकट पर भारत की स्थिति असंतोषजनक रही है.

भारत ने हाल के वर्षों में वाशिंगटन के साथ घनिष्ठ संबंध विकसित किए हैं और चीन के खिलाफ पीछे धकेलने के उद्देश्य से क्वाड ग्रुपिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन मॉस्को के साथ इसके लंबे समय से संबंध हैं, जो इसके रक्षा उपकरणों का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।

भारत और वाशिंगटन के बीच पिछले कुछ वर्षों में संबंधों में काफी मजबूती आई है और चीन के खिलाफ क्वाड ग्रुपिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. लेकिन भारत के मास्कों से काफी लंबे समय से संबंध है और वह भारत के रक्षा उपकरणों का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता भी बना हुआ है. अधिकारी ने भारत ने यूक्रेन में रूसी कार्रवाई की निंदा करने से परहेज किया और इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वोटों में भाग नहीं लिया.

Tags: Russia, Ukraine, UNSC, White house

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