संयुक्त राष्ट्र की बकाया का भारत समेत सिर्फ 35 देशों ने समय पर किया भुगतान: अकबरुद्दीन

संयुक्त राष्ट्र की बकाया का भारत समेत सिर्फ 35 देशों ने समय पर किया भुगतान: अकबरुद्दीन
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) ने सोमवार को चेतावनी देते हुए कहा था कि यह वैश्विक संस्था 23 करोड़ डॉलर के घाटे में चल रही है और इस महीने के अंत तक उसका पैसा खत्म हो सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 12, 2019, 5:20 AM IST
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न्यूयॉर्क. भारत उन देशों में शामिल है, जिसने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में अपने सभी बकाया का भुगतान किया है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि (Permanent Representative) सैयद अकबरुद्दीन (Syed Akbaruddin) ने शुक्रवार को बताया कि 193 में से 35 सदस्य देशों में से एक है जिसने संयुक्त राष्ट्र में अपने सभी बकाया का भुगतान किया है.

हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने सार्वजनिक रूप से उन देशों के बारे में नहीं बताया है जिन्होंने अपने भुगतान को मंजूरी नहीं दी है. सूत्रों के मुताबिक, उन देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्राजील, अर्जेंटीना, मैक्सिको और ईरान शामिल हैं. कुल मिलाकर, 64 देशों के पास संयुक्त राष्ट्र का पैसा बकाया है. बकायादार देशों की सूची में वेनेजुएला, उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, इजरायल और सऊदी अरब भी शामिल हैं.

सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट कर भारत सहित उन 35 देशों के नाम बताए, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र में अपने सभी बकाया का भुगतान किया है. इस सूची में शामिल अन्य देशों में ऑस्ट्रेलिया, भूटान, कनाडा, डेनमार्क, फिनलैंड, जर्मनी, आयरलैंड, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और स्विट्जरलैंड शामिल हैं.




नकदी संकट को लेकर यूएन प्रमुख ने दी थी चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हाल ही मे चेतावनी देते हुए कहा था कि यह वैश्विक संस्था 23 करोड़ डॉलर के घाटे में चल रही है और इस महीने के अंत तक उसका पैसा खत्म हो सकता है. समाचार एजेंसी एएफपी ने संयुक्त राष्ट्र के 37 हजार कर्मचारियों के नाम लिखी महासचिव गुतरेस की चिट्ठी के हवाले से बताया कि उनके वेतन तथा भत्ते सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे.

एजेंसी के मुताबिक गुतरेस ने इस चिट्ठी में लिखा है, 'सदस्य देशों ने वर्ष 2019 में संयुक्त राष्ट्र के संचालन के लिए जरूरी बजट का केवल 70 फीसदी हिस्सा ही अदा किया है. इस कारण सितंबर महीने के अंत में 23 करोड़ डॉलर की कमी हो गई. वहीं इस महीने के अंत तक रिजर्व में रखी गई राशि भी खत्म होने से संकट आन पड़ा है.'

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