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एक दूसरे को सहयोग करें भारत और चीन ताकि एशियाई सदी हो साकार

News18Hindi
Updated: November 30, 2019, 5:04 PM IST
एक दूसरे को सहयोग करें भारत और चीन ताकि एशियाई सदी हो साकार
फोरम ने कहा, हमें शोध कार्यों के लिये युवा विद्वानों की एक दूसरे देशों के शोध केंद्रों में संक्षिप्त यात्रा या तीन या छह महीनों का इंटर्नशिप कराने पर विचार करना चाहिए.

फोरम ने कहा, 'हमें शोध कार्यों के लिये युवा विद्वानों की एक दूसरे देशों के शोध केंद्रों में संक्षिप्त यात्रा या तीन या छह महीनों का इंटर्नशिप कराने पर विचार करना चाहिए.'

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  • Last Updated: November 30, 2019, 5:04 PM IST
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बीजिंग. भारत (India) और चीन (China) के शीर्ष राजनयिक यहां एक बैठक में इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों को क्षेत्रीय एवं वैश्विक स्तर पर सहयोग करना चाहिए और एशियाई सदी को साकार करने के लिये बहुआयामी संबंधों को अवश्य कायम रखना चाहिए. यहां शनिवार को संपन्न हुए चौथे भारत-चीन थिंक टैंक फोरम में दोनों देशों के राजनयिकों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिये कई मुद्दों पर चर्चा की.

बैठक में भाग लेने वाले अधिकारियों ने सर्वसम्मति से यह विचार जाहिर किया कि दोनों देशों को द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर करीबी सहयोग करना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की मई 2015 में चीन यात्रा के दौरान थिंक-टैंक फोरम की स्थापना की गई थी.

इस फोरम का आयोजन इंडियन काउंसिल ऑफ वल्डर्स अफेयर्स (आईसीडब्ल्यूए ICWA) और चाइनीज एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज (सीएएसएस CSS) ने संयुक्त रूप से किया. भारतीय दूतावास ने यहां जारी एक बयान में कहा है ‘एशियाई सदी में भारत-चीन संबंध’ के तहत इस मंच ने भारत और चीन के बीच करीबी विकास साझेदारी बनाने सहित विभिन्न मुद्दों पर गहराई से चर्चा की.

बहुआयामी संबंध कायम रखें भारत-चीन

बयान में कहा गया है कि ये चर्चा दोस्ती और खुलेपन की भावना के साथ हुई तथा इसने दोनों देशों के बीच परस्पर समझ बढ़ाने में योगदान दिया. इसमें कहा गया है, 'बैठक में भाग लेने वालों ने इसके बारे में सर्वसम्मत विचार प्रकट किया कि पड़ोसी एवं तेजी से विकास करने वाले देश होने के नाते यह जरूरी है कि भारत और चीन, दोनों देश द्विपक्षीय रूप से और क्षेत्रीय एवं वैश्विक स्तर पर सहयोग करेंगे. भारत-चीन (India China) संबंध उभरती एशियाई सदी के लिये एक अहम संबंध है.

बैठक में हिस्सा लेने वाले 15 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आईसीडब्ल्यूए के महानिदेशक टीसीए राघवन ने किया. राघवन ने कहा कि उपमहाद्वीप की दो बड़ी शक्तियां, भारत और चीन को अवश्य ही बहुआयामी संबंध कायम रखना चाहिए. चीन में नियुक्त भारत के उप राजदूत ए. विमल ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि यह सदी बेशक भारत और चीन की है.

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First published: November 30, 2019, 5:02 PM IST
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