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भारत-रूस ने अटकलों पर लगाया विराम, कहा-महामारी के चलते नहीं हुआ द्विपक्षीय वार्षिक सम्मेलन

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा,
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, "महत्वपूर्ण रिश्ते को लेकर गलत खबरें प्रचारित करना गैर-जिम्मेदारी का प्रदर्शन है." फाइल फोटो

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) ने हाल ही में कहा था कि पश्चिमी देश अपनी कुटिल आक्रामक नीतियों के जरिए हिंद-प्रशांत रणनीतियों को बढ़ावा देकर भारत को चीन विरोधी खेल में खींच रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 23, 2020, 11:15 PM IST
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नई दिल्ली. भारत और रूस ने बुधवार को उन खबरों को खारिज किया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि दो दशक में पहली बार दोनों देशों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र और क्वाड के मसले पर मतभिन्नता के चलते वार्षिक सम्मेलन का आयोजन नहीं हुआ. हालांकि भारत और रूस ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते सम्मेलन का आयोजन नहीं हुआ. क्वाड हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक नीतियों के खिलाफ अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान का रणनीतिक समूह है.

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में कहा था कि पश्चिमी देश अपनी कुटिल आक्रामक नीतियों के जरिए हिंद-प्रशांत रणनीतियों को बढ़ावा देकर भारत को चीन विरोधी खेल में खींच रहे हैं. सर्गेई लावरोव के इस बयान के बाद राजनयिक हलकों में अटकलों का दौर तेज हो गया. हालांकि बाद में रूसी राजनयिक ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि मास्को भारत की अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर आधारित समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दृष्टिकोण को समझता है. लेकिन, जहां तक क्वाडिलेटरल सिक्योरिटी डॉयलॉग या क्वाड की बात है तो भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका का रणनीतिक समूह क्षेत्रीय सहयोग को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है.

भारत और रूस के बीच वार्षिक सम्मेलन ना होने की खबरों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, "भारत और रूस के बीच वार्षिक सम्मेलन का आयोजन कोविड-19 महामारी के चलते नहीं हुआ. दोनों देशों की सरकारों के बीच आपसी सहमति के बाद ये फैसला लिया गया." उन्होंने कहा, "किसी भी तरह की अटकलें गलत और भ्रामक हैं. महत्वपूर्ण रिश्ते को लेकर गलत खबरें प्रचारित करना गैर-जिम्मेदारी का प्रदर्शन है."



रूसी दूतावास की ओर से भी एंबेसडर निकोलय कुदाशेव ने बयान जारी करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच वार्षिक सम्मेलन का आयोजन कोरोना वायरस महामारी के चलते नहीं हुआ है. इस बारे में किसी भी तरह की खबर सच्चाई से कोसों दूर है और भारत के साथ स्पेशल और विशेष अधिकारों वाला रणनीतिक रिश्ता कोरोना वायरस महामारी के बावजूद आगे बढ़ रहा है.
कुदाशेव ने कहा, "हम अपने भारतीय दोस्तों के साथ वार्षिक सम्मेलन की तारीख तय करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं, जोकि कोरोना वायरस महामारी के चलते निरस्त कर दिया गया था, हमें पूरा विश्वास है कि निकट भविष्य में जल्द ही इसका आयोजन होगा. भारत और रूस का रिश्ता पूरी मजबूती से आगे बढ़ रहा है."

सोमवार को मीडिया ब्रीफिंग में कुदाशेव ने कहा कि महामारी के चलते द्विपक्षीय रिश्तों में कोई रूकावट नहीं आई है, लेकिन दोनों देशों के लिए वार्षिक सम्मेलन सहित कई कार्यक्रमों के शेड्यूल तय करने में मुश्किलें जरूर आई हैं.

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रूसी राजनयिक ने उम्मीद जताई कि भारत के साथ द्विपक्षीय वार्षिक सम्मेलन 2021 में आयोजित किया जाएगा और इसके साथ सिविल और डिफेंस के मुद्दे पर अंतर-सरकारी आयोगों की बैठक में जल्द ही होगी.
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