भारत के बाद थाईलैंड से भी चीन को बड़ा झटका, सबमरीन सौदा रद्द किया

भारत के बाद थाईलैंड से भी चीन को बड़ा झटका, सबमरीन सौदा रद्द किया
थाईलैंड ने चीन के साथ सबमरीन सौदा रद्द किया

Thailand postponed submarines deal: थाईलैंड सरकार ने भारी विरोध के बाद चीन के साथ अपनी सबमरीन डील को फिलहाल अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दिया है. भारत के ऐप्स बैन के बाद ये चीन के लिए दूसरा बड़ा झटका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 3, 2020, 7:23 AM IST
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बैंकाक. भारत ने दूसरी डिजिटल स्ट्राइक (Digital Strike) करते हुए पबजी (PUBG) समेत चीन (China) के 118 मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है. भारत ने लद्दाख में झड़प के बाद चीन की कई परियोजनाओं को रद्द कर दिया था अब साउथ चाइना सी में चीन की दादागिरी के चलते थाईलैंड (Thailand) ने भी उसे बड़ा झटका दे दिया है. थाईलैंड ने लोगों के विरोध के बाद चीन से 2 पनडुब्बियों (Submarines Deal) को खरीदे जाने की योजना को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है.

बता दें कि थाईलैंड ने चीन के साथ जून 2015 में पनडुब्बियों की खरीद को लेकर सौदेबाजी शुरू की थी. इसके एक साल पहले ही थाईलैंड में प्रधानमंत्री प्रायुत चान-ओ-चा को सत्ता से हटाकर सेना ने कब्जा कर लिया था. नयी सरकार के साथ चीन के बीच संबंध काफी मजबूत माने जाते हैं. हालांकि चीन के रवैये पर सवाल उठने लगे और लोग सड़कों पर उतर आए. उधर चीन से नजदीकी के चलते अमेरिका ने भी थाईलैंड पर कई तरह के प्रतिबंध भी लगा दिए थे. हालांकि अब दबाव बढ़ता देख थाईलैंड की सरकार ने संसद से अगले साल के बजट में से चीन को इन पनडुब्बियों के लिए एडवांस में पैसे देने की अपनी योजना को भी वापस ले लिया है.






चीन महंगी दे रहा था सबमरीन
थाईलैंड की कैबिनेट ने पहली पनडुब्बी की खरीद को लेकर 2017 में अपनी मंजूरी दे दी थी. इसके लिए थाईलैंड चीन को 434.1 मिलियन डॉलर की रकम देने वाला था. इस पनडुब्बी की डिलीवरी 2018 में होनी थी. इसके अलावा दो यूआन क्लास की एस26टी डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों को खरीदने का भी प्रस्ताव था जिसे अब रद्द कर दिया गया है. चीन ने इन दो पनडुब्बियों के लिए 720 मिलियन डॉलर की मांग की थी. थाईलैंड का मानना है कि ये कीमत मार्केट रेट से काफी ज्यादा है.

अगस्त में थाईलैंड की संसद में सरकार ने प्रस्ताव पेश किया था कि चीन को इन पनडुब्बियों के लिए दी जाने वाली रकम 7 साल में चुकाई जाएगी. हालांकि कोरोना से जूझ रही अर्थव्यवस्था और बदहाल हालत में सरकार के इस महंगी डील के प्रति चिंतित होने पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए थे. इसे लेकर लोगों ने प्रदर्शन किये और सोशल मीडिया पर भी काफी विरोध दर्ज कराया गया था. विपक्षी पार्टियों के जबरदस्त विरोध के कारण थाईलैंड की सरकार बैकफुट पर आ गई और उसने तुरंत इस डील को अनिश्चितकाल के लिए टालने का ऐलान कर दिया है.

अर्थव्यवस्था को लगा बड़ा झटका
कोरोना वायरस के कारण थाईलैंड की अर्थव्यवस्था इस समय मुश्किल दौर से गुजर रही है. कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में थाईलैंड को काफी सफलता मिली है, लेकिन उसकी अर्थव्यवस्था 12.2 फीसदी कम हो गई है. बताया जा रहा है कि 1997-98 के एशियाई वित्तीय संकट के बाद से यह थाईलैंड की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी गिरावट है. थाईलैंड का अपने पड़ोसियों वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया और म्यांमार से कई मुद्दों पर टकराव है. अक्सर समुद्री सीमा को लेकर इन देशों में विवाद होते रहते हैं.
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