पाकिस्तान को झटका: फ्रांस की संसद में PoK के राष्ट्रपति के कार्यक्रम पर भारत ने लगवाई रोक

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कथित राष्ट्रपति मसूद खान

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कथित राष्ट्रपति मसूद खान

भारत (India) ने अपने कूटनितिक प्रयासों से मसूद खान के कार्यक्रम पर रोक लगा दी है. पेरिस (Paris) स्थित पाकिस्तानी दूतावास (Pakistani Embassy) फ्रांसीसी संसद के निचले सदन में पीओके (PoK) के कथित राष्ट्रपति मसूद खान का कार्यक्रम कराना चाहता था.

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  • Last Updated: October 3, 2019, 11:09 AM IST
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नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आर्टिकल 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान (Pakistan) लगातार दुनिया के सामने भारत (India) के खिलाफ दुष्प्रचार करने में लगा हुआ है. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के कथित राष्ट्रपति मसूद खान की फ्रांसीसी संसद (French Parliament) में बैठक की हर मुमकिन कोशिश भारत ने नाकाम कर दी है. भारत ने अपने कूटनितिक प्रयासों से मसूद खान के कार्यक्रम पर रोक लगवा दी है. पेरिस स्थित पाकिस्तानी दूतावास (Pakistani Embassy) फ्रांसीसी संसद के निचले सदन में पीओके के कथित राष्ट्रपति मसूद खान का कार्यक्रम कराना चाहता था.



मसूद खान को फ्रांसीसी संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में एक कार्यक्रम के लिए बतौर चीफ गेस्ट बुलाया गया था. इसकी जानकारी मिलते ही भारत ने पाकिस्तान की नापाक कोशिश को रोकने के लिए अपने कूटनीतिक प्रयास शुरू कर दिए.



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भारतीय दूतावास ने फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय से दो टूक हा कि इस तरह का न्योता भारत की संप्रभुता का उल्लंघन है. भारत ने साफ किया कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर समेत पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है. भारतीय दूतावास की सक्रियता के साथ वहां के भारतीय समुदाय ने भी अपनी ओर से कदम उठाया. भारतीय समुदाय ने नेशनल असेंबली के स्पीकर और तमाम सांसदों को भी खत लिखा.
भारत के कूटनीतिक प्रयासों का ही असर रहा कि पाकिस्तान अपने मंसूबों में कामबया नहीं हो सका. मसूद खान को नेशनल असेंबली के कार्यक्रम में शामिल होने की इजाजत नहीं मिल सकी. इसके बाद उनकी जगह पाकिस्तानी राजनयिक मोइन-उल-हक के कार्यक्रम में शिरकत की. बताया जाता है कि इस कार्यक्रम में कोई भी शामिल नहीं हुआ. बताया जाता है कि कार्यक्रम में ज्यादातर पाकिस्तानी दूतावास के कर्मचारी ही मौजूद रहे.



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