चीन की धमकी- भारत के कुछ लोग हांगकांग-वियतनाम को भड़काना चाहते हैं, हम सबक सिखा देंगे

चीन की धमकी- भारत के कुछ लोग हांगकांग-वियतनाम को भड़काना चाहते हैं, हम सबक सिखा देंगे
चीनी सामानों को बहिष्कार से बचने के लिए कर रहा है ये चालाकी, ऐसे बचें आप?

India-China Border Dispute: इस बार चीन (China) ने भारत के एक्सपर्ट्स और ओपिनियन मेकर्स पर निशाना साधते हुए कहा है कि कुछ कथित भारतीय एक्सपर्ट चीन के विभाजन का सपना देख रहे हैं. हम उन्हें स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि ऐसे लोगों को चीन सबक सिखाने में पीछे नहीं हटेगा.

  • Share this:
बीजिंग. एक तरफ चीन सीमा विवाद (India-China Faceoff)  पर भारत (India-China Border Dispute) के साथ बातचीत जारी रखे हुए है वहीं दूसरी तरफ धमकी भरे बयानों से दबाव बनाने की कोशिश में भी है. इस बार चीन (China) ने भारत के एक्सपर्ट्स और ओपिनियन मेकर्स पर निशाना साधते हुए कहा है कि कुछ कथित भारतीय एक्सपर्ट चीन के विभाजन का सपना देख रहे हैं. हम उन्हें स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि ऐसे लोगों को चीन सबक सिखाने में पीछे नहीं हटेगा.

चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कुछ लोगों ने चीन के खिलाफ एक वेबिनार का आयोजन किया था, जिसे लेकर चीनी सरकार काफी गुस्से में है. इस वेबिनार में भारत को चीन के प्रति अपनी नीति में बदलाव लाने और चीन की 'वन चाइना' पॉलिसी को निशाना बनाने की सलाह दी गई थी. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के पूर्व नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अरविंद गुप्ता और कुछ कथित एक्सपर्ट चीन में विभाजन के सपने देख रहे हैं, उन्हें लगता है कि ऐसे वे हमें हरा देंगे. हालांकि सच ये है कि अगर भारत ऐसा सोचता है तो वो इसकी बड़ी कीमत चुकाएगा.

 





क्या है आरोप?
चीन का आरोप है कि इस वेबिनार में सलाह दी गई थी कि भारत सरकार को हांगकांग में जारी आंदोलन, ताइवान के साथ आर्थिक और तकनीकी रिश्ते बढ़ाना और चीन के नेताओं के भारत आने पर तिब्बत के प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने जैसी कई सलाह दी गईं थीं. इसके साथ ही कहा गया था कि भारत को रीजनल इकॉनोमिक पार्टनरशिप से जुड़े समझौतों से भी इनकार कर देना चाहिए जब तक हांगकांग और ताइवान को उसमें अलग से शामिल न किया जाए. इस तरह एशिया में चीन के 'वन चाइना' मिशन को चैलेंज करने की बात भी कही गयी थी.

चीन ने दी खुली धमकी
चीन ने कहा कि इन कथित एक्सपर्ट को अंतरराष्ट्रीय मामलों की जानकारी नहीं है. 'वन चाइना' प्रिंसिपल को सभी बड़े देशों ने हमेशा स्वीकार किया है और इसे स्वीकार करते हुए सभी प्रमुख देशों ने चीन के साथ डिप्लोमेटिक रिलेशन कायम भी रखे हैं. कुछ भारतीय एक्सपर्ट को लगता है कि वे इस प्रिंसिपल के खिलाफ समर्थन हासिल कर सकते हैं लेकिन उन्हें पता नहीं कि अगर भारत ऐसे प्रयास भी करेगा तो उसके लिए आग से खेलने जैसा होगा. चीन ने स्पष्ट कहा है कि ये चीन के मूलभूत सिद्धांतों में से एक है और इस पर किसी तरफ का प्रहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय एक्सपर्ट चीन की संप्रभुता को नकार रहे हैं और हमारे इलाके में विभाजन की साजिश कर रहे हैं. हालांकि चीन ने कहा कि भारत सरकार भी हमेशा से 'वन चाइना' सिद्धांत को स्वीकार करती रही है और इन कुछ लोगों के कहने से ऐसा नहीं लगता कि उसके रुख में कोई बदलाव आएगा. चीन और भारत ने साल 1950 से अपने डिप्लोमेटिक रिश्तों की शुरुआत की थी और 1962 और डोकलाम जैसी कुछ घटनाएं छोड़ दें तो दोनों देशों के रिश्ते मधुर रहे हैं. चीन ने भारत से अपील की है कि उसके खिलाफ भारत में दुष्प्रचार कर रहे ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए.

ये भी पढ़ें:-

ब्रिटेन की वो लाइब्रेरी, जहां 6000 से ज्यादा जानलेवा बैक्टीरिया जिंदा रखे हुए हैं

जानिए, ताकत की दवा के लिए चीन किस बेरहमी से मार रहा है गधों को

कौन थे सफेद मास्क पहने वे लोग, जो रात में घूमकर अश्वेतों का रेप और कत्ल करते?

किस खुफिया जगह पर खुलती है वाइट हाउस की सीक्रेट सुरंग 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading