खुलासा! भारतीय सेना ने बिगाड़ा चीन का प्लान, मारे गए सैनिकों के लिए छुपकर बहा रहा आंसू

खुलासा! भारतीय सेना ने बिगाड़ा चीन का प्लान, मारे गए सैनिकों के लिए छुपकर बहा रहा आंसू
अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी का खुलासा- गलवान में जो हुआ वो चीनी सेना का प्लान था

India-China Rift: अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन (China) ने सोचा था कि उसे गलवान वैली में कब्जा ज़माने के लिए संघर्ष का सामना नहीं करना पड़ेगा, लेकिन उसका ये अंदाजा गलत निकला. हालत ये है कि अपने मारे गए सैनिकों की याद में चीन अब ख़ुफ़िया तरीके से प्रार्थना सभा का आयोजन करने के लिए मजबूर है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 23, 2020, 11:18 AM IST
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वाशिंगटन. अमेरिकी (US) ख़ुफ़िया एजेंसी भी भारत-चीन के सैनिकों के बीच लद्दाख की गलवान वैली में हुई हिंसक झड़प (India-china border faceoff) के बाद पैदा हुए तनावपूर्ण हालातों पर नज़र रखे हुए है. अब इन्हीं ख़ुफ़िया एजेंसियों ने इस पूरे मामले पर एक रिपोर्ट दी है, जिसमें चीन (China) के मंसूबों का पर्दाफाश होता नज़र आ रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने सोचा था कि उसे गलवान वैली में कब्जा ज़माने के लिए संघर्ष का सामना नहीं करना पड़ेगा, लेकिन उसका ये अंदाजा गलत निकला और 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए और 35 चीनी सैनिक भी मारे गए. हालत ये है कि अपने मारे गए सैनिकों की याद में चीन अब ख़ुफ़िया तरीके से प्रार्थना सभा का आयोजन करने के लिए मजबूर है.

यूएस न्यूज़ में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी इंटेलिजेंस की इस रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने बाकायदा लद्दाख के उस हिस्से पर कब्ज़ा करने के लिए चीनी आर्मी के वेस्ट थियेटर कमांड के प्रमुख जनरल झाओ झोंग्की को जिम्मेदारी सौंपी थी. गलवान वैली में उनके प्लान के मुताबिक ही पहले काफी हथियार जमा किए गए और अपनी सेना के रहने के लिए एक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया गया. झाओ झोंग्की के कहने पर ही चीनी सेना ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था.

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चीनी सैनिकों ने किया हमला
इस रिपोर्ट में भी माना गया है कि 15 जून को जब भारत के कुछ अफसर और जवान चीन से बात करने पहुंचे थे, तो चीनी सैनिक पहले से ही हथियारों के साथ घात लगाकर बैठे थे. उनका प्लान भारतीय सेना को उकसाना था और इसमें वे सफल भी रहे. हालांकि पास ही भारतीय जवानों की एक और टुकड़ी गश्त पर थी. वो बचाव के लिए आ गयी और ये एकतरफा झड़प एक हिंसक संघर्ष में तब्दील हो गयी. रिपोर्ट के मुताबिक जनरल झाओ झोंग्की इससे पहले वियतनाम की लड़ाई और फिर साल 2017 में हुए डोकलाम विवाद में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं.



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चीन छुप-छुपकर याद कर रहा मारे गए सैनिकों को
रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन नहीं चाहता कि भारत के साथ संघर्ष में मारे गर कुल सैनिकों की संख्या लोगों के सामने आए. इसी के चलते चीनी सेना ने अपने मारे गए सैनिकों के लिए छुपकर एक मेमोरियल सर्विस रखी. ये प्रार्थना सभा न केवल गुप्त रही बल्कि इससे जुड़ी सभी वीडियो-फोटो सोशल मीडिया से हटा दिए गए हैं. इस रिपोर्ट में चीन पर आरोप लगाया गया है कि वह भारत-अमेरिका की नजदीकी से काफी परेशान है. चीन चाहता है कि भारत उसके आसपास के देशों के साथ ही उलझकर रह जाए, ताकि अमेरिका से दूरी बनी रहे.

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रिपोर्ट के अनुसार एक प्लान के तहत ही चीनी विदेश मंत्रालय ने इस पूरी झड़प के लिए भारतीय सेना को जिम्मेदार बता दिया. विदेश मंत्रालय लगातार यही कह रहा है कि भारतीय सेना ने सीमा पार की और चीनी सैनिकों पर हमला किया और चीनी सेना से अपनी सुरक्षा के लिए हिंसा का प्रयोग किया था. अमेरिका ने सपष्ट कर दिया है कि उसका पूरा समर्थन भारत के साथ है, इस मामले पर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने चीन को कड़ा संदेश भी दिया है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि भारत-चीन बातचीत के जरिए इस विवाद को सुलझा लेंगे.
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