जानिए भारत-चीन के बीच तनाव पर क्या बोला रूस, किसे करेगा सपोर्ट?

जानिए भारत-चीन के बीच तनाव पर क्या बोला रूस, किसे करेगा सपोर्ट?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (File Photo)

India-China Rift: रूस (Russia) ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत (India) और चीन (China) के बीच जारी विवाद एक द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें किसी के भी हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं है.

  • Share this:
मॉस्को. भारत-चीन सीमा विवाद (India-China Border Dispute) पर अमेरिका (US) के भारत का पक्ष लेने के बाद सभी की निगाहें रूस (Russia) पर टिकी हुई थीं कि वो किसका साथ देने वाला है. हालांकि रूस ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत और चीन के बीच जारी विवाद एक द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें किसी के भी हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं है. रूस के विदेश मंत्री ने मंगलवार को रूस-भारत और चीन (RIC) के विदेश मंत्रियों की वर्चुअल बैठक आयोजित कराई जिसमें भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी मौजूद रहे.

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस मीटिंग में स्पष्ट कर दिया कि भारत-चीन विवाद के निपटारे में उसकी कोई भूमिका नहीं होगी और उसे भरोसा है कि दोनों देश आपसी विवाद बातचीत से सुलझा लेने में सक्षम हैं. रूस के विदेश मंत्री ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि भारत और चीन को बाहर से कोई मदद चाहिए. मुझे नहीं लगता कि उन्हें मदद करने की आवश्यकता है, खासकर जब मामला देश के मुद्दों से जुड़ा हुआ हो.





वे अपने दम पर मामले को हल कर सकते हैं. मेरा मतलब हालिया घटनाक्रमों से है.' लावरोव ने कहा कि नई दिल्ली और बीजिंग ने शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है. उन्होंने रक्षा अधिकारियों, विदेश मंत्रियों के स्तर पर बैठकें शुरू कीं और दोनों पक्षों में से किसी ने भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया जिससे यह संकेत मिले कि उनमें से कोई भी गैर-कूटनीतिक समाधान चाहेगा.
ये भी पढ़ें:- कैसी है चीन की साइबर आर्मी, जो कोड '61398' के तहत करती है हैकिंग

मध्यस्थता से रूस का इनकार
रूसी मंत्री लावरोव ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि भारत और चीन को किसी तरह की मदद, किसी तरह की सहायता की जरूरत है, खासतौर पर जो सीमा विवाद के समाधान से संबंधित हो.' स्पूतनिक न्यूज ने लावरोव को उद्धृत करते हुए कहा, 'जैसे ही सीमा पर घटना हुई, मौके पर मौजूद सैन्य कमांड और विदेश मंत्रियों के बीच संपर्क बहाल किया गया और बैठक की गईं. जैसा मैं समझता हूं, यह संपर्क जारी है और ऐसे संकेत नहीं मिले हैं कि कोई भी पक्ष बातचीत का इच्छुक नहीं हैं. हम स्वाभाविक रूप से उम्मीद करते हैं कि यह इसी तरह जारी रहेगी.'



ये भी पढ़ें:- भारत के इलाकों को अपना बताने के बाद अब कौन सा नया झटका देने की तैयारी में नेपाल?

भारत और चीन अपने सीमा विवाद के शांतिपूर्ण समाधान में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका को खारिज कर चुके हैं. रूस के दोनों देशों से करीबी रिश्ते हैं. रूस ने पिछले हफ्ते झड़प पर चिंता जाहिर की थी लेकिन उम्मीद जताई थी कि उसके करीबी सहयोगी विवाद का समाधान खुद तलाश सकते हैं. द्वितीय विश्व युद्ध में नाजियों की हार की 75वीं वर्षगांठ पर बुधवार को लाल चौक पर होने वाली परेड के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अभी मास्को में हैं.

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज