अमेरिका के 3 न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर चीनी सीमा के बेहद करीब, इसलिए बदले सुर!

अमेरिका के 3 न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर चीनी सीमा के बेहद करीब, इसलिए बदले सुर!
अमेरिका ने अपने 3 एयरक्राफ्ट कैरियर चीनी सीमा पर तैनात किये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के सख्त रुख अख्तियार करने के बावजूद चीन लगातार शांति से मामला सुलझाने और भारत को धैर्य बनाए रखने की सलाह दे रहा है. उधर अमेरिका (US) ने पहली बार अपने 11 न्यूक्लियर कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के विमानवाहक पोत में से 3 को एक साथ प्रशांत महासागर में चीनी सीमा के बेहद नजदीक तैनात कर दिया है.

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बीजिंग. भारत-चीन सीमा पर पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley)  में हुई हिंसक झड़प (India-China Rift) में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए हैं, जबकि 43 चीनी सैनिकों के भी हताहत होने की खबर है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के सख्त रुख अख्तियार करने के बावजूद चीन (China) लगातार शांति से मामला सुलझाने और भारत को धैर्य बनाए रखने की सलाह दे रहा है. बुधवार शाम भी चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन अब सीमा पर और कोई हिंसक झड़प के पक्ष में नहीं है. उधर अमेरिका (US) ने पहली बार अपने 11 न्यूक्लियर कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के विमानवाहक पोत में से तीन को एक साथ प्रशांत महासागर में चीनी सीमा के बेहद नजदीक तैनात कर दिया है. जानकारों का मानना है कि चीन का वर्तमान नरम रुख चारों तरफ से बन रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव की देन है.

कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के लिए चीन को जिम्मेदार बता रहे अमेरिका ने इस सीमा विवाद में कई बार खुलकर भारत का पक्ष लिया है. अब जानकारी मिल रही है कि करीब 3 साल के बाद ऐसा हुआ है तीन अमेरिकी विमानवाहक पोत प्रशांत महासागर में चीन की सीमा के बेहद नजदीक गश्त कर रहे हैं. अमेरिका के इस कदम को चीन के लिए कड़ी चेतावनी के तौर पर भी देखा जा रहा है. जानकारों का कहना है कि इनकी तैनाती भारत की सुरक्षा की दृष्टि से भी की गई हो सकती है. बता दें कि दक्षिण चीनी समुद्र में चीन के बढ़ते दखल को रोकने के लिए अमेरिका ने यह तैनाती की है.

कौन से हैं ये तीन एयरक्राफ्ट कैरियर
बता दें कि ये तीनों एयरक्राफ्ट अमेरिका के मशहूर न्यूक्लियर कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा हैं. इनका नाम यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट, यूएसएस निमित्ज और यूएसएस रोनाल्ड रीगन हैं. इनमें से यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट फिलीपीन सागर के गुआम के आस पास के इलाके में गश्त कर रहा है. वहीं, यूएसएस निमित्ज वेस्ट कोस्ट इलाके में और यूएसएस रोनाल्ड रीगन जापान के दक्षिण में फिलीपीन सागर तैनात है. बता दें कि ये तीनों ही न्यूक्लियर मिसाइल से लैस हैं और चीन इनकी गश्त से काफी दबाव में नज़र आ रहा है. हालांकि अमेरिका ने फिलहाल भारत-चीन सीमा विवाद से प्रत्यक्ष रूप से बाहर रहने की बात कही है लेकिन चीन लगातार आरोप लगा रहा है कि अमेरिका के दबाव में ही भारत सीमा पर लगातार आक्रामक बना हुआ है.
 



 

साउथ चाइना सी को लेकर घबराया चीन
समुद्र के इस हिस्से को लेकर चीन, वियतनाम, हांगकांग, जापान और अमेरिका काफी वक़्त से आमने-सामने रहे हैं. अमेरिका पहले भी चीन को साउथ चाइना सी में आक्रामक व्यवहार को लेकर चेतावनी दे चुका है. पिछले रविवार को चीन ने साउथ चाइना सी की 80 जगहों का नाम बदल दिया था. इनमें से 25 आइलैंड्स और रीफ्स हैं, जबकि बाकी 55 समुद्र के नीचे के भौगोलिक स्‍ट्रक्‍चर हैं. अप्रैल में चीनी युद्धपोतों ने वियतनाम की एक मछली पकड़ने वाली नौका को साउथ चाइना सी में डुबा दिया था. इस क्षेत्र में चीन ने कई आर्टिफिशियल आइलैंड का निर्माण कर उसे मिलिट्री स्टेशन के रूप में विकसित किया है. ये इलाका सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से भारत के लिए भी काफी अहम माना जाता है.

 

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