गलवान में मारे गए सैनिकों के परिवारों पर बेरहम चीन, अंतिम संस्कार न करने की हिदायत

गलवान में मारे गए सैनिकों के परिवारों पर बेरहम चीन, अंतिम संस्कार न करने की हिदायत
चीन ने मारे गए सैनिकों के परिवारों को दी हिदायत

India-China Face-off: भारत ने तो शहीद हुए जवानों की जानकारी सार्वजनिक कर दी थी लेकिन चीन (China) ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था. हालांकि अब खबर आ रही है कि चीन इन मारे गए सैनिकों के परिवारों पर लगातार दबाव बनाए हुए है और सार्वजानिक अंतिम संस्कार करने मन कर दिया है.

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वाशिंगटन/बीजिंग. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley) में भारत-चीन सैनिकों की हिंसक झड़प (India-China Faceoff) में दोनों ही देशों के जवान मारे गए थे. भारत ने तो शहीद हुए जवानों की जानकारी सार्वजनिक कर दी थी लेकिन चीन (China) ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था. हालांकि अब खबर आ रही है कि चीन इन मारे गए सैनिकों के परिवारों पर लगातार दबाव बनाए हुए है और सार्वजानिक अंतिम संस्कार करने मन कर दिया है. इन परिवारों को हिदयात की जा रही है कि अगर किसी भी तरह से सैनिकों की सूचना सार्वजनिक हुई तो इसकी सजा के लिए तैयार रहें.

यूएस न्यूज़ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिनपिंग सरकार सैनिकों के परिवारों पर उन्हें दफनाने और अंतिम संस्कार कार्यक्रम नहीं करने का दबाव बना रही है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन इसलिए दबाव बनाए हुए है जिससे मारे गए सैनिकों की संख्या सामने आने के बाद सेना का मनोबल कम हो सकता है. एक तरफ जहां भारत ने बिना किसी हिचकिचाहट के स्वीकार कर लिया था कि उसके 20 सैनिक शहीद हुए हैं लेकिन चीन ने संख्या बताने से साफ इनकार कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक चीनी के सिविल अफेयर मंत्रालय को इन परिवारों को कंट्रोल में रखने की जिम्मेदारी दी गई है. इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है कि पश्चिमी मीडिया की पहुंच इन परिवारों तक न हो पाए.









छुपा कर अंतिम संस्कार करने की सलाह
मंत्रालय ने इन परिवारों को सलाह दी है कि अगर उन्हें अंतिम संस्कार करना भी है तो छुप कर करें और इसके लिए भीड़ इकठ्ठा न करें. चीन ने परिवारों से कहा है कि सार्वजनिक तौर पर अंतिम संस्कार करने से कोरोना संक्रमण फैलने का ख़तरा है. गार्जियन की एक रिपोर्ट में भी ये दावा किया गया था कि चीनी सकरार के सैनिकों के मारे जाने की संख्या और नाम सार्वजनिक किये जाने के चलते सेना के के बड़े हिस्से में गुस्सा है.

सेना चाहती है कि शहीद हुए सैनिकों का सम्मान किया जाना चाहिए.अमेरिकी खुफिया विभाग का मानना है कि प्रदर्शन में 35 चीनी सैनिक मारे गए थे. अमेरिका की ब्रेइटबार्ट न्यूज के मुताबिक, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के इस फैसले से मारे गए सैनिकों के परिवार में नाराजगी है. सरकार के इस फैसले के खिलाफ परिजन वीबो और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं.
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