अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने भी माना- हिंसक झड़प में चीन के 35 सैनिक हताहत हुए

अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने भी माना- हिंसक झड़प में चीन के 35 सैनिक हताहत हुए
अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने कहा- चीन के 35 सैनिक हताहत हुए

India-China Rift: चीन ने उसकी तरफ हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि करने से इनकार कर दिया है. भारतीय एजेंसियों के मुताबिक चीन के 43 सैनिक मारे गए हैं जबकि अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि चीन के करीब 35 से ज्यादा सैनिक इस झड़प में हताहत हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 17, 2020, 10:55 AM IST
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वाशिंगटन. लद्दाख (Laddkah) की गलवान वैली(Galwan Valley) में चीन और भारत के सैनिकों के बीच हुई हिंसक (India-China Rift) झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए हैं, हालांकि चीन ने उसकी तरफ हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. भारतीय एजेंसियों के मुताबिक चीन के 43 सैनिक हताहत हुए हैं, जबकि अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि चीन के करीब 35 से ज्यादा सैनिक इस झड़प में हताहत हुए हैं.

USNews में छपी एक खबर के मुताबिक, अमेरिका इस पूरी स्थिति पर काफी गंभीरता से नज़र बनाए हुए है. भले ही चीन ने उसके नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि न की हो, लेकिन अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने भी माना है कि चीन का भारत से ज्यादा नुकसान हुआ है. ख़ुफ़िया एजेंसियों के मुताबिक इस झड़प में चीन के कम से कम 35 सैनिक हताहत हुए हैं. इनमें चीनी सेना का एक सीनियर अफसर भी शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक सोमवार देर शाम दोनों देशों की सेनाओं की टुकड़ियां गलवान घाटी में आमने-सामने आ गई थीं. इस हिंसा के बाद घाटी में ही दोनों सेनाओं की बैठक हुई है, जिसमें शांति बनाए रखने पर सहमति बन गई है. इस बैठक के बाद दोनों देशों की सेनाएं पीछे हट गई हैं.

चाक़ू से हुई लड़ाई, खाई में फिसले सैनिक
अमेरिकी सूत्रों के मुताबिक, दोनों ही देशों के सैनिक हथियारों के बिना हिंसक झड़प में शामिल हुए. इस दौरान सैनिकों ने एक दूसरे पर चाकू और लोहे की रॉड और अन्य चीजों से हमला किया. इस झड़प के दौरान दोंनो ही पक्षों के कई जवान फिसल कर खाई में गिर गए और उनकी मौत हो गई. अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों के मुताबिक जिनपिंग सरकार इस नुकसान को इसलिए नहीं बता रही है, क्योंकि वह चीन की जनता के सामने शर्मिंदा महसूस नहीं करता चाहती. कोरोना संक्रमण फैलने के बाद पहले ही राष्ट्रपति शी जिनपिंग की लोकप्रियता में कमी आई है.
अमेरिका के मुताबिक, चीन बीते कुछ वक़्त से अक्साई चिन और लद्दाख के इलाकों में काफी आक्रामक हो गया है. कोरोना संक्रमण का फायदा उठाकर चीन लगातार वियतनाम, हांगकांग और भारतीय सीमा पर दबाव बढ़ाने का काम कर रहा है. भारत और अमेरिका की बढ़ती नजदीकियों से भी चीन काफी परेशान है और इसलिए इस तरह के कदम उठाकर भारत पर दबाव कायम करना चाहता है.



 

चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद अमेरिका ने कहा कि वह हालात पर नजर बनाए हुए हैं. उम्मीद है कि इस मसले का हल शांतिपूर्ण तरीके और आपसी बातचीत से निकाला जाएगा. अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'भारत और चीन दोनों देशों ने तनाव को कम करने की इच्छा जताई है. हम वर्तमान स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं.' प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका मौजूदा स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं. हम भारत के शहीद 20 जवानों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं जाहिर करते हैं.

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