Home /News /world /

'टिड्डी अटैक' के बहाने अपने सामान का बहिष्कार न करने की अपील कर रहा चीन

'टिड्डी अटैक' के बहाने अपने सामान का बहिष्कार न करने की अपील कर रहा चीन

टिड्डी अटैक के बहाने सामन का बहिष्कार न करने की अपील कर रहा चीन

टिड्डी अटैक के बहाने सामन का बहिष्कार न करने की अपील कर रहा चीन

गलवान घाटी (Galwan Valley) भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प (India-China Standoff) के बाद से ही दोनों देशों के बीच शांति के प्रयास जारी हैं. हालांकि शांति के दिखावे के बीच चीनी सेना (PLA) और चीन की सरकारी मीडिया लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं.

अधिक पढ़ें ...
    बीजिंग. लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley) भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प (India-China Standoff) के बाद से ही दोनों देशों के बीच शांति के प्रयास जारी हैं. हालांकि शांति के दिखावे के बीच चीनी सेना (PLA) और चीन की सरकारी मीडिया लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. चीनी मीडिया लगातार भारत को अपनी मजबूत सेना और सामान के बहिष्कार पर अर्थव्यवस्था के डूबने जैसी चेतावनी दे रही है हालांकि भारत का रुख कड़ा है और उसने भी सीमा पर पूरी तैयारी की हुई है. असल में चीन इन धमकियों के बहाने भारत से चीनी सामान का बहिष्कार न करने की बात दोहरा रहा है.

    चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भारत के कई राज्यों में हो रहे 'टिड्डी अटैक' के बहाने अब भारत को आंख दिखाने की कोशिश की है. इसमें कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के चलते पहले से ख़राब हालत में पहुंची भारत की अर्थव्यवस्था अब टिड्डी अटैक के चलते और ख़राब हालत में जा सकती है. ये स्पष्ट संकेत है कि फिलहाल भारत को चीन के साथ ट्रेड वार शुरू करनी नहीं चाहिए. इस लेख में कहा गया है कि भारत में ये फसल कटाई का सीजन है और टिड्डियों ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. चीन ने कहा है कि भारत को अफ्रीका से सबक लेना चाहिए जहां टिड्डी प्लेग ने भुखमरी के हालात पैदा कर दिए हैं. भारत को भी इस अटैक से काफी नुकसान होगा और ऐसे में उसे चीन से तनाव बढ़ाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए.

     



    सामान का बहिष्कार होने से सहमा है चीन
    बता दें कि भारत में चीनी सामान, एप और अन्य टेक्नोलॉजी के बहिष्कार की मुहिम शुरू होने से चीन भी सहमा हुआ है. कोरोना संक्रमण के चलते चीन की अर्थव्यवस्था भी बुरे दौर में है और वह भारत जैसे दुनिया के एक बड़े बाज़ार को खोना नहीं चाहता है. ऐसे में भारत से बातचीत जारी रखने के साथ-साथ वह अपनी सरकारी मीडिया के जरिए लगातार प्रोपगैंडा फैला रहा है कि चीनी सामान का बहिष्कार करने से भारत की अर्थव्यवस्था को ही झटका लगने वाला है. ग्लोबल टाइम्स के लेख में भी कहा गया है कि टिड्डियों के अटैक के बाद भारत में खाद्यान संकट पैदा हो सकता है इसलिए उसे चीन के साथ ट्रेड वार में उलझकर वक़्त नहीं बर्बाद करना चाहिए.

     

    भारतीय अर्थव्यवस्था की चिंता, अपनी की नहीं!
    भारत के प्रति चिंता जाहिर कर रहे चीन की अर्थव्यवस्था पर पैनी नजर रखने वाली संस्था चाइना बीग बुक (China Beige Book) ने हाल ही में अपनी जांच और छानबीन के आधार पर दावा किया है कि चीन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. चीन कोरोना वायरस और लॉकडाउन के नुकसान से अभी तक उभर नहीं पाया है. चीन में रिटेल सेक्टर (Retail Sector) बुरी तरह प्रभावित है. चीन के ज्यादातर फैक्टरी और कारखाने बुरी तरह प्रभावित हैं. खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में तो 2008 में आए आर्थिक मंदी से भी बुरी स्थिति पैदा हो गई है. इसके आलावा चीन की जीडीपी (GDP) इस वित्तीय वर्ष के पहले तिमाही में 6.8 फीसदी गिर चुकी है. बता दें कि चीन ने इस साल के लिए 1989 के बाद से पहली बार विकास का लक्ष्य भी तय नहीं किया है.

    Tags: China, India China Border Tension, India-China News, India-China Rift, Indo-China Border Dispute

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर