क्या भारत को मिलने वाली है तीसरी कोरोना वैक्सीन? 'स्पूतनिक वी' का फेज-3 ट्रायल पूरा

आखिरी फेज के ट्रायल के बाद स्पूतनिक की तरफ से आवेदन किया जा सकता है. (तस्वीर-File photo/Reuters/News18 English)

आखिरी फेज के ट्रायल के बाद स्पूतनिक की तरफ से आवेदन किया जा सकता है. (तस्वीर-File photo/Reuters/News18 English)

Coronavirus Vaccination: पिछले साल हैदराबाद की कंपनी डॉ रेड्डी लेबोरेटरी ने ‘स्पूतनिक वी’ के प्रायोगिक परीक्षण और भारत में इसके वितरण अधिकार के लिए आरडीआईएफ के साथ समझौता किया था.

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  • Last Updated: March 16, 2021, 12:55 PM IST
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नई दिल्ली. दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज़ ने कोरोना वायरस रोधी टीके 'स्पूतनिक वी' के तीसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण पूरा कर लिया है. भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से मंजूरी मिलने के बाद दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज़ ने तीसरे चरण का परीक्षण किया था. हैदराबाद स्थित कंपनी ने बताया कि इस टीके का तीसरे चरण का परीक्षण 1500 लोगों पर किया गया. आपको बता दें कि 'स्पूतनिक वी' रूस निर्मित टीका है.


जनवरी के दूसरे हफ्ते की शुरुआत में, डेटा एवं सुरक्षा निगरानी बोर्ड (डीएसएमबी) ने टीके के दूसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण के आंकड़ों की समीक्षा की थी और तीसरे चरण के लिए वॉलंटियर को भर्ती करने की सिफारिश की थी. अपनी रिपोर्ट में डीएसएमबी ने कहा था कि टीके में किसी प्रकार की सुरक्षा चिंता का पता नहीं चला है.


डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज़ के प्रवक्ता ने अंग्रेजी दैनिक अखबार बिजनेस लाइन को बताया कि हमने 'स्पूतनिक वी' के तीसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण पूरा कर लिया है. ऐसे समय में जबकि देश में सीरम इंस्टीट्यूट के कोविशील्ड और भारत बायोटेक के कोवैक्सीन के जरिए कोरोना टीकाकरण तेजी से चल रहा है, 'स्पूतनिक वी' के तीसरे चरण के परीक्षण का पूरा होना काफी अहमियत रखता है.


अलग-अलग संस्थाओं को 'स्पूतनिक वी' के परीक्षण के नतीजों का इंतजार है और माना जा रहा है कि अप्रैल माह के आरंभ में फेज-3 के परिणाम सामने आ जाएंगे. सूत्रों ने न्यूज़18 को बताया कि समीक्षा के बाद 'स्पूतनिक वी' को जल्द ही भारत के सामूहिक टीकाकरण अभियान में शामिल कर लिया जाएगा. पिछले साल हैदराबाद की कंपनी डॉ. रेड्डी लेबोरेटरी ने ‘स्पूतनिक वी’ के प्रायोगिक परीक्षण और भारत में इसके वितरण अधिकार के लिए रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) के साथ समझौता किया था.



वहीं, डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरी ने 19 फरवरी को बताया था कि उसने रूस के टीके ‘स्पूतनिक वी’ के आपात स्थिति में इस्तेमाल के लिए औषधि नियामक डीसीजीआई (भारत के औषधि महानियंत्रक) का रुख किया है. फरवरी माह में कोविड-19 के लिए 'स्पूतनिक वी' टीके के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी के संबंध में डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरी के आवेदन की समीक्षा करते हुए भारत के केंद्रीय औषधि प्राधिकरण की एक विशेषज्ञ समिति ने कंपनी से प्रतिरक्षा और सुरक्षा संबंधी आंकड़े मुहैया कराने को कहा था.

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