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ISIL और अलकायदा अफ्रीका में पैर पसारने के फिराक में, बढ़ते नेटवर्क पर भारत ने चिंता जाहिर की

यूएनएससी के मीटिंग में भाग लेते भारत के विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन (फोटो-ANI)

यूएनएससी के मीटिंग में भाग लेते भारत के विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन (फोटो-ANI)

भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि अफ्रीका में इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लीवेंट (आईएसआईएल) तथा अल-कायदा जैसे संगठनों से जुड ...अधिक पढ़ें

    हाइलाइट्स

    भारत ने अफ्रीका में आतंकी समूह ISIL और अलकायदा के बढ़ते प्रभाव से चिंतित है.
    भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के बहस में कहा कि ये विषय चिंतनीय है.
    भारत ने कहा कि आतंकी समूह का राजनीतिक परामर्श में भाग लेना चिंता का विषय है.

    संयुक्त राष्ट्र: भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि अफ्रीका में इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लीवेंट (आईएसआईएल) तथा अल-कायदा जैसे संगठनों से जुड़े समूह कई घरेलू संघर्षों में खुद को शामिल कर रहे हैं और राजनीतिक एजेंडे को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं. भारत ने यह भी कहा कि ऐसे संगठनों को राष्ट्रीय परामर्श में शामिल करना आतंकवाद को वैधता प्रदान करेगा तथा आत्मघाती प्रयास होगा.

    विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा, ‘‘हमें इस तथ्य को पहचानने की आवश्यकता है कि सशस्त्र संघर्षों की तरह आतंकवाद भी अफ्रीका में फैल रहा है. अफ्रीका के विभिन्न हिस्सों में अल-कायदा और आईएसआईएल से जुड़े आतंकवादी समूह हाल के वर्षों में सोने, अद्वितीय खनिज लवणों, रत्न, यूरेनियम, कोयला आदि के खनन और लड़की-तस्करी आदि के अवैध व्यापार नेटवर्क के जरिये फल फूल रहे हैं.

    ‘अफ्रीका में शांति और सुरक्षा: प्राकृतिक संसाधनों की अवैध तस्करी के माध्यम से सशस्त्र समूहों और आतंकवादियों के वित्तपोषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना’ विषय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बहस में हिस्सा लेते हुए मुरलीधरन ने कहा कि अल-शबाब जैसे आतंकी समूहों ने अपनी आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए विस्तृत राजस्व संग्रह नेटवर्क स्थापित किये हैं. उन्होंने कहा, ‘‘अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आतंकवाद पहले से ही सशस्त्र संघर्षों से तबाह अफ्रीका के कई हिस्सों में शांति की संभावनाओं को गंभीर रूप से खतरे में डाल सकता है.”

    मुरलीधरन ने रेखांकित किया कि अफ्रीका में आईएसआईएल और अल-कायदा से जुड़े और प्रेरित समूह खुद को कई घरेलू संघर्षों में शामिल होकर राजनीतिक एजेंडे को प्रभावित और नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं. भारत ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने के लिए सचेत और समन्वित प्रयासों के बिना सफल नहीं हो सकती और न ही सशस्त्र समूहों के खिलाफ वैश्विक लड़ाई सफल हो सकती है.

    मुरलीधरन ने जोर देकर कहा कि इन विरोधी संगठनों को वित्तीय संसाधनों तक पहुंचने से रोकना उनके हिंसक हमलों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए महत्वपूर्ण है. मुरलीधरन ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हमें आतंकवाद के वित्त पोषण को रोकने की क्षमताओं को बढ़ाना चाहिए और ऐसे देशों को दोमुंही बातों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.’’

    Tags: Al Qaeda terrorist organization, India, UN, UNSC, UNSC meetings

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