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US के बाद चीन के खिलाफ भारत को मिला फ्रांस का साथ, कश्मीर पर भी दिया समर्थन

फ्रांस ने चीन से तनाव और कश्मीर मुद्दे पर दिया भारत का साथ.  (फोटो- PMO ट्विटर)
फ्रांस ने चीन से तनाव और कश्मीर मुद्दे पर दिया भारत का साथ. (फोटो- PMO ट्विटर)

India-France annual Strategic Dialogue: फ्रांस ने स्पष्ट कहा है कि भारत का UNSC में आना पेरिस के लिए भी काफी अहम है. फ़्रांस ने चीन के साथ टेंशन और कश्मीर मुद्दे पर भी भारत का समर्थक किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 10:14 AM IST
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पेरिस. भारत-चीन के बीच जारी सीमा (India-China Standoff) विवाद में अमेरिका (US) ने खुलकर भारत का पक्ष लिया है और कई बार चीन (China) को हद में रहने की सलाह भी दी है. अमेरिका के बाद अब फ्रांस (France) ने भी कहा है कि चीन लगातार दक्षिण एशिया और भारतीय सीमाओं पर आक्रामक बना हुआ है और इसके खिलाफ रणनीति स्पष्ट होनी चाहिए. भारत में अमेरिकी राजदूत के भारत-चीन सीमा विवाद पर बयान के बाद अब फ़्रांस के वरिष्ठ राजनयिक ने टिप्पणी की है. फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कूटनीतिक सलाहकार इमैनुएल बॉनन कहा है कि 'जब चीन नियम तोड़ता है तो हमें बहुत मज़बूत और स्पष्ट होना चाहिए'

इमैनुएल ने कहा कि फ़्रांस हमेशा से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर के मुद्दे में सहायक रहा है और 'चीन को किसी प्रक्रियात्मक खेलों में नहीं आने देना चाहिए.' भारत-चीन सीमा विवाद पर अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी के बाद भारत में चीन के राजदूत ने इस पर आपत्ति जताई थी. भारत में चीन के राजदूत ने ट्वीट कर कहा था, ''भारत और चीन अपने सीमा विवाद को सुलझाने में सक्षम हैं और किसी तीसरे देश को इसमें नहीं पड़ना चाहिए.''

कश्मीर मामले पर हमेशा हैं भारत के साथ
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कूटनीतिक सलाहकार इमैनुएल बॉन ने गुरुवार को थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन के एक वेबिनार में कहा कि भारत को सीधे ख़तरे के मामले में फ़्रांस हमेशा स्पष्ट रहता है. उन्होंने कहा, "हमें टकराव के लिए नहीं जाना चाहिए. यह बात पेरिस और दिल्ली से कहना बहुत आसान होता है और तब जब आपके हिमालय में समस्या हो और सीमा पर आपके साथ पाकिस्तान हो. मेरा मतलब भारत को सीधे ख़तरे से है, हम हमेशा इस पर स्पष्ट रहे हैं. जहां तक कश्मीर का मसला है हम सुरक्षा परिषद में भारत के समर्थक हैं. प्रक्रियात्मक खेलों में हम चीन को कोई खेल खेलने नहीं दे सकते." पूर्वी लद्दाख़ में विवाद के हवाले से उन्होंने कहा कि हिमालय की जहां तक बात है, बयान 'स्पष्ट है.' इमैनुएल बॉन ने कहा, "हम जो कुछ सार्वजनिक कहते हैं, चीन उसे छिपकर कहता है. हमें मज़बूत होने की ज़रूरत है."



राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ तीसरी भारत-फ़्रांस रणनीतिक बातचीत के लिए बॉन भारत में थे. तुर्की और पाकिस्तान के 'दुष्प्रचार के विरोध' पर भारत का समर्थन जताने के लिए बॉन ने शुक्रिया कहा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्ते 'ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर हैं.' उन्होंने कहा, "हमारा देश जब तुर्की, पाकिस्तान और दूसरे देशों के कुछ नेताओं के हमले से जूझ रहा था तब हम आपके समर्थन की बहुत सराहना करते हैं जो हमें न केवल आपके प्रशासन से मिला बल्कि भारत की सिविल सोसाइटी से भी मिला." उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि चीन 'कुछ नियमों' का सम्मान करे और 'कम आक्रामक रहे.' बॉन ने कहा कि चीन को उसी ढांचे में काम करना चाहिए जिसमें बाक़ी कर रहे हैं और फ़्रांस के लिए यह ख़ास है कि वो अधिक रक्षात्मक, आक्रामक रहे लेकिन अधिक गतिशील और फ़ुर्तीला हो.
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