9 महीने बाद 17 अगस्त को होगी भारत-नेपाल की बातचीत, सीमा विवाद पर चर्चा संभव

9 महीने बाद 17 अगस्त को होगी भारत-नेपाल की बातचीत, सीमा विवाद पर चर्चा संभव
17 अगस्त को भारत-नेपाल की हाई लेवल मीटिंग

India-Nepal Border Dispute: नेपाल के विवादित नक़्शे (Nepal Map) और और नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) के भगवान राम और अन्य विवादित बयानों ने इस तल्खी और और बढ़ाने का काम किया है. हालांकि 17 अगस्त को 9 महीने बाद भारत-नेपाल के बीच ऑफिशियल बातचीत होने जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 12, 2020, 9:29 AM IST
  • Share this:
काठमांडू/नई दिल्ली. भारत और नेपाल (India-Nepal Border Dispute) के रिश्तों में बीते कुछ महीनों में काफी तल्खी देखने को मिली है. नेपाल के विवादित नक़्शे (Nepal Map) और और नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) के भगवान राम और अन्य विवादित बयानों ने इस तल्खी और और बढ़ाने का काम किया है. हालांकि 17 अगस्त को 9 महीने बाद भारत-नेपाल के बीच ऑफिशियल बातचीत होने जा रही है. इस बातचीत का मुद्दा भारत द्वारा नेपाल में चलाए जा रहे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा है लेकिन माना जा रहा है कि इस मीटिंग में सीमा विवाद पर भी बातचीत हो सकती है.

ये मीटिंग 17 अगस्त को काठमांडू में होने जा रही है. नेपाल की तरफ से विदेश मंत्रालय में सचिव शंकर दास बैरागी शामिल होंगे. भारतीय दल की अगुआई नेपाल में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा करेंगे. बता दें कि सीमा विवाद और विवादित नक़्शे को लेकर भारत के एतराज के बाद नेपाल ने तीन बाद भारत ने विदेश सचिव स्तर की वार्ता के लिए अनुरोध किया था. हालांकि भारत ने स्पष्ट कहा था कि जब तक दोनों देशों के रिश्ते सामान्य नहीं हो जाते और बातचीत का माहौल नहीं होता तब तक वार्ता नहीं हो सकती. इस बीच, नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा- दोनों देश सीमा विवाद के गुलाम बन कर नहीं रह सकते. हमें बातचीत करनी ही होगी.

नेपाल ने कहा- बातचीत के आलावा विकल्प नहीं
भारत और नेपाल के बीच प्रस्तावित बातचीत पर नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा- हमारे पास बातचीत के अलावा कोई और विकल्प नहीं है. सीमा विवाद के गुलाम नहीं बन सकते. दूसरे मुद्दों पर बातचीत करनी होगी. फिलहाल, सीमा विवाद पर बातचीत नहीं होगी लेकिन, आज नहीं तो कल, उसे भी सुलझाना होगा. दोनों देश सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने काठमांडू पोस्ट से बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच मार्च के बाद जिस तरह की बयानबाजी हुई है, उससे रिश्तों में खटास बढ़ी. बातचीत की शुरुआत ही बहुत बड़ी सफलता है. दोनों देश क्रॉस बॉर्डर ट्रेन सर्विस, एग्रीकल्चर, भूकंप के बाद री-कन्स्ट्रक्शन जैसे प्रोजेक्ट साथ कर रहे हैं.



काफी वक़्त से चल रही है बातचीत
नेपाल में भारत के निवेश को लेकर दोनों देशों के बीच काफी मजबूत रिश्ते रहे हैं और इस तरह की बातचीत काफी वक़्त से चल रही है. साल 2016 में नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड भारत आए थे. इसके बाद से ही दोनों देशों ने आपसी विवाद सुलझाने और सहयोग बढ़ाने के लिए मैकेनिज्म तैयार किया था. 17 अगस्त को इसी मैकेनिज्म के तहत 8वीं बातचीत होगी. हाल के दिनों में सीमा विवाद और दूसरे मुद्दों की वजह से भारत और नेपाल के रिश्तों में खटास दिखी थी।. अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन पर भी नेपाल के प्रधानमंत्री ओली ने बयानबाजी की थी. बता दें कि नेपाल ने नक्शा जारी कर कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख इलाके को अपना इलाका बता दिया है. नेपाल ने इस नक़्शे को संसद के दोनों सदनों में पास कराया जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज