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FATF के डर से SCO बैठक में आतंकवाद का विरोध करता नज़र आया पाकिस्तान

SCO मीटिंग में पाकिस्तान ने आतंकवाद के विरूद्ध लड़ाई की बातें कही.. (Pic- AP File)
SCO मीटिंग में पाकिस्तान ने आतंकवाद के विरूद्ध लड़ाई की बातें कही.. (Pic- AP File)

SCO meet 2020: FATF की तरफ से बढ़ते दबाव के चलते SCO की बैठक में पाकिस्तान भी आतंकवाद के विरुद्ध साझी लड़ाई का आह्वान करने के लिए मजबूर नज़र आया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 1, 2020, 10:33 AM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) ने भारत की मेजबानी में सोमवार को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO Meeting) डिजिटल बैठक के दौरान आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की. इसके साथ ही उसने नव-नाजीवाद और ‘इस्लामोफोबिया’ के कारण हाल में चरमपंथी और नस्लवादी घटनाओं में वृद्धि को लेकर आगाह किया. हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि फाइनेंशियल टास्क फ़ोर्स (FATF) की तरफ से बढ़ते जा रहे दबाव के कारण पाकिस्तान अब सार्वजनिक मंचों पर ऐसा करने के लिए मजबूर हो गया है.

विदेश कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार एससीओ देशों के शासनाध्यक्षों की परिषद की 19 वीं बैठक में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व विदेश मामलों के लिए संसदीय सचिव अंदलीब अब्बास ने किया. उन्होंने "विवादित क्षेत्रों" में आतंकवाद की निंदा करते हुए सुरक्षित पड़ोस बनाने की अनिवार्यता को रेखांकित किया. इससे पहले अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि क्षेत्र के सामने सबसे प्रमुख चुनौती आतंकवाद है, खासकर सीमा पार से आतंकवाद. अब्बास ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता हासिल करने, बहुआयामी संपर्क के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ घनिष्ठ संबंधों के विकास के लिए पाकिस्तान की खातिर आठ सदस्यीय संगठन के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए सहयोग, जानकारी और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

उपराष्ट्रपति नायडू ने घेरा
इससे पहले अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि क्षेत्र के सामने सबसे प्रमुख चुनौती आतंकवाद है, खासकर सीमा पार से आतंकवाद. अब्बास ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता हासिल करने, बहुआयामी संपर्क के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ घनिष्ठ संबंधों के विकास के लिए पाकिस्तान की खातिर आठ सदस्यीय संगठन के महत्व को रेखांकित किया.
उन्होंने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए सहयोग, जानकारी और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उधर अब्बास ने कहा, "पाकिस्तान एससीओ क्षेत्र को क्षेत्रीय संपर्क और एकीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखता है.' उन्होंने गरीबी उन्मूलन संबंधी एक विशेष कार्य समूह (एसडब्ल्यूजी) गठित करने की खातिर पाकिस्तान की पहल का समर्थन करने के लिए सदस्य राज्यों को धन्यवाद दिया. इस कार्य समूह से एससीओ के सदस्यों के बीच अनुभवों और विचारों के आदान-प्रदान का मौका मिलेगा.



चीनी प्रधानमंत्री ने भी आतंकवाद के खिलाफ गठजोड़ की बात की
चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने भी विकास के लिए सुरक्षित एवं स्थिर वातावरण को बढ़ावा देने की खातिर एससीओ के सदस्य देशों से आतंकवाद के खिलाफ समन्वय को और मजबूत किए जाने का आह्वान किया. भारत की मेजबानी में शंघाई सहयोग संगगठन (एससीओ) शासनाध्यक्षों की परिषद की 19वीं ऑनलाइन बैठक के दौरान अपने संबोधन में ली ने कहा कि एससीओ समूह के सदस्यों को सक्रिय रूप से विकास के लिए एक सुरक्षित और स्थिर वातावरण बनाना चाहिए.



उन्होंने कहा, ' क्षेत्र में अनिश्चितता और अस्थिरता के बढ़ रहे कारकों के चलते, हमें क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है.' ली ने कहा, ' महामारी का फायदा उठाने वाली आतंकी, अलगाववादी और उग्रवादी ताकतों से निपटने के लिए संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभ्यासों को जारी रखना चाहिए.'
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