लाइव टीवी

भारत ने फ्रांस में रिसीव किया पहला राफेल विमान,डिप्टी एयर फोर्स चीफ ने एक घंटे तक भरी उड़ान

News18Hindi
Updated: September 20, 2019, 10:50 PM IST
भारत ने फ्रांस में रिसीव किया पहला राफेल विमान,डिप्टी एयर फोर्स चीफ ने एक घंटे तक भरी उड़ान
राफेल विमान.

विमान रिसीव करते समय फ्रांस में डिप्टी एयर फोर्स चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी राफेल विमान ( Rafale aircraft) को लगभग एक घंटे तक हवा में उड़ाया. राफेल मीटिओर मिसाइल से लैस है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2019, 10:50 PM IST
  • Share this:
पेरिस. भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) गुरुवार को पहला राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस में रिसीव कर लिया है. यह वही राफेल विमान है जिसकी डील में कथित घोटाले को लेकर भारत में जमकर राजनीति हुई थी.

जानकारी के अनुसार विमान रिसीव करते समय फ्रांस में डिप्टी एयर फोर्स चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी राफेल विमान को लगभग एक घंटे तक हवा में उड़ाया.

बता दें कि लड़ाकू विमान राफेल मीटिओर मिसाइल से लैस है , जिसकी मारक क्षमता पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों से कहीं अधिक है. इसके साथ ही SCALP से पड़ोसी देश का लगभग हर इलाका इस विमान की रेंज में होगा.

वायुसेना को लंबे समय से था इंतजार

देश की वायु सेना को लंबे समय से राफेल विमान का इंतजार था. क्योंकि भारत के पास आने वाला यह सबसे आधुनिक और अधिक मारक क्षमता वाला विमान है. इन विमानों को भारत लाने में देरी हो इसलिए हो रही है कि राफेल विमानों के परीक्षण और ट्रेनिंग के लिए भारतीय पायलट इन्हें फ्रांस में कम-से-कम 1,500 घंटे उड़ाएंगे.

उड़ान के दौरान राफेल विमान SCALP मिसाइल से लैस होंगे, जो 300 किलोमीटर की रेंज में जमीन पर वार कर सकती है. ट्रेनिंग और परीक्षण पूरा होने के बाद राफेल को वायुसेना के अंबाला बेस में लाया जाएगा.

राफेल विमान क्या है?
Loading...

राफेल एक फ्रांसीसी कंपनी डैसॉल्ट एविएशन निर्मित दो इंजन वाला मध्यम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एमएमआरसीए) है. राफेल लड़ाकू विमानों को 'ओमनिरोल' विमानों के रूप में रखा गया है, जो कि युद्ध में अहम रोल निभाने में सक्षम हैं. ये बखूबी ये सारे काम कर सकती है-  हवाई हमला, जमीनी समर्थन, भारी हमला और परमाणु प्रतिरोध.

भारत ने राफेल को क्यों चुना है?
राफेल भारत का एकमात्र विकल्प नहीं था. कई अंतरराष्ट्रीय विमान निर्माताओं ने भारतीय वायुसेना से पेशकश की थी. बाद में छह बड़ी विमान कंपनियों को छांटा गया. इसमें लॉकहेड मार्टिन का एफ -16, बोइंग एफ / ए -18 एस, यूरोफाइटर टाइफून, रूस का मिग -35, स्वीडन की साब की ग्रिपेन और रफाले शामिल थे.

ये भी पढ़ें-  सावधान ! पोटाश मिला दूध तो नहीं पी रहे आप, बिगड़ सकता पाचन तंत्र

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अन्य देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 20, 2019, 10:28 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...