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भारत ने खारिज की अमेरिकी आयोग की रिपोर्ट, धार्मिक स्वतंत्रता के मामले में दी थी सबसे कम रेटिंग

अमेरिकी आयोग ने CAA को इसकी वजहों में से एक बताया है (फाइल फोटो)
अमेरिकी आयोग ने CAA को इसकी वजहों में से एक बताया है (फाइल फोटो)

यह रेटिंग अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता (International religious freedom) पर अमेरिकी कमीशन ने दी, जो कि एक सरकारी संस्था है और जिसके जिम्मे विदेशों में धार्मिक स्वतंत्रता (Religious Freedom) और उस पर अमेरिकी सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर रखना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 29, 2020, 12:03 AM IST
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नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता (International religious freedom) के लिए काम करने वाले अमेरिकी सरकार के वॉचडॉग ग्रुप (U.S. government watchdog group) ने मंगलवार को जारी की गई अपनी रिपोर्ट में भारत को 2004 के बाद से अब तक की सबसे खराब रेटिंग दी है. इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मुस्लिमों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों (Religious Minority) के खिलाफ "उत्पीड़न और हिंसा के अभियानों" को अनुमति दी.

यह रेटिंग अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता (International religious freedom) पर अमेरिकी कमीशन ने दी, जो कि एक सरकारी संस्था है और जिसके जिम्मे विदेशों में धार्मिक स्वतंत्रता (Religious Freedom) और उस पर अमेरिकी सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर रखना है.

आयोग ने अमेरिकी विदेश विभाग से भारत को CPC के तौर पर नामित करने की सिफारिश की
आयोग ने सिफारिश की है कि अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) भारत को "विदेश चिंताजनक स्थिति वाला देश" (Country of Particular Concern-CPC) के तौर पर नामित कर दे. इसकी उपाध्यक्ष नदिने माएंज़ा ने इसकी वजह बताया कि, क्योंकि इसने "धार्मिक स्वतंत्रता का विशेष तौर पर गंभीर उल्लंघन झेला है." उन्होंने कहा, "सबसे चौंकाने और परेशान करने वाला" भारत का नागरिकता संशोधन अधिनियम को पारित करना था. जो देश में 6 धर्मों के नए लोगों को तेजी से नागरिकता देता है, लेकिन मुसलमानों को बाहर रखता है.
वहीं इस रिपोर्ट में सूडान (Sudan) और उज्बेकिस्तान की धार्मिक स्वतंत्रता रेटिंग्स में सुधार किया गया है. इस लिस्ट को 2000 में पहली बार बनाया गया था तबसे पहली बार सूडान को "विदेश चिंताजनक स्थिति वाला देश" (CPC) लिस्ट से बाहर किया गया है, वहीं उज्बेकिस्तान को 2005 के बाद पहली बार CPC लिस्ट से बाहर रखा गया है.



भारत ने रिपोर्ट को किया खारिज, कहा- नए नहीं हैं भारत के खिलाफ पक्षपाती बयान
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है, "हम यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन की इंटरनेशनल रिलीजीयस फ्रीडम (USCIRF) की सालाना रिपोर्ट में की गई टिप्पणियों को खारिज करते हैं. इसके भारत के खिलाफ पक्षपाती और विवादास्पद बयान (biased and tendentious comments) नए नहीं हैं. लेकिन इस अवसर पर इसकी गलत व्याख्या अलग ही स्तर पर पहुंच गई है."



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