कुडनकुलम संयंत्र की यूनिटों पर भारत-रूस में बनी बात, पांच समझौतों पर सहमति

कुडनकुलम संयंत्र की यूनिटों पर भारत-रूस में बनी बात, पांच समझौतों पर सहमति
(Photo:PTI)

भारत और रूस ने तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की अंतिम दो इकाइयों को लगाने के लिए एक बहुप्रतीक्षित समझौते को अंतिम रूप दिया.

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भारत और रूस ने तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की अंतिम दो इकाइयों को लगाने के लिए एक बहुप्रतीक्षित समझौते को गुरुवार को अंतिम रूप दे दिया. कुडनकुलम परमाणु संयंत्र की इकाइयों 5 और 6 के लिए जनरल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट, जीएफए और ऋण सहायता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन की वार्षिक शिखर-वार्ता का सबसे प्रमुख परिणाम माना जा रहा है.

मोदी-पुतिन की वार्ता के बाद जारी विजन डॉक्यूमेंट में कहा गया, 'हम कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की इकाई 5 और 6 के लिए जनरल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट और क्रेडिट प्रोटोकॉल को अंतिम रूप दिये जाने का स्वागत करते हैं.'

रियेक्टरों का निर्माण भारतीय परमाणु उर्जा निगम लिमिटेड, एनपीसीआईएल और रूस के परमाणु संस्थानों की नियामक इकाई रोसाटॉम की सहायक कंपनी एस्टोमस्ट्रॉयेएक्सपोर्ट करेंगे. दोनों इकाइयों की उत्पादन क्षमता एक-एक हजार मेगावाट है.



'ए विजन फॉर द ट्वंटी फर्स्ट सेंचुरी' शीषर्क वाले दस्तावेज में कहा गया है कि भारत और रूस की अर्थव्यवस्थाएं ऊर्जा के क्षेत्र में एक दूसरे की पूरक हैं और दोनों देश एक 'ऊर्जा सेतु' बनाने की दिशा में काम करेंगे.



उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को रूस की कंपनियों को भारत में उच्च प्रौद्योगिकी रक्षा उपकरण बनाने की विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए भारतीय कंपनियों से भागीदारी करने को आमंत्रित किया.

उन्होंने कहा, 'भारत दुनिया में छठा सबसे बड़ा विनिर्माता है और हम जीडीपी में विनिर्माण के हिस्से को 16 प्रतिशत से बढाकर 25 प्रतिशत करना चाहते हैं.' इस कार्य्रकम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी उनके साथ मौजूद थे. मोदी ने कहा कि भारत रूस के 70 साल के रिश्ते भरोसे पर आधारित हैं.

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रूस द्वारा भारत के साथ खड़े होने का ज्रिक करते हुए मोदी ने कहा कि 'रिश्ते व्यापक हुए हैं और समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं.' भारत और रूस ने स्वतंत्र साख निर्धारण उद्योग के विकास का संकल्प जताया. दोनों नेताओं ने ये संकल्प ऐसे समय जताया है जब वैश्विक रेटिंग एजेंसियों के अमेरिका तथा चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थों के प्रति झुकाव की आशंका जतायी जा रहा है.

वहीं भारत और रूस ने सभी देशों से अपील की कि आतंकवादियों के सीमा पार आवागमन पर रोक लगाएं और कहा कि आतंकवाद के खतरे से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को 'बिना दोहरा मानदंड अपनाए और चुनिंदा' तरीके से काम किए बगैर सामूहिक रूप से निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन के बीच विस्तृत बातचीत के बाद भारत और रूस ने दृष्टि पत्र जारी किया जिसमें आतंकवाद से लड़ने का संकल्प जताया गया.

दोनों देशों ने संयुक्त घोषणा पत्र '21वीं सदी का दृष्टि पत्र' में कहा, 'आतंकवाद के सभी प्रारूपों की हम कड़ी निंदा करते हैं और इस बात पर ज़ोर देते हैं कि आतंकवाद को किसी भी तरीके से उचित नहीं ठहराया जा सकता, चाहे वह वैचारिक, धार्मिक, राजनीतिक, जातीय या किसी अन्य कारण से हो.'

भारत और रूस विनिर्माण क्षेत्र में संयुक्त उपक्रमों की स्थापना कर उड्डयन क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर सहमत हुए. भारत 2020 तक तीसरा सबसे बड़ा वैश्विक उड्डयन बाजार बनने की ओर अग्रसर है.

रूस ने विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह, एनएसजी और परमाणु हथियार अप्रसार की अन्य व्यवस्था में इसकी सदस्यता के अपने पुरजोर समर्थन की बात दोहराई.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सालाना द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों ने ब्रिक्स, डब्ल्यूटीओ, जी 20 और शंघाई सहयोग संगठन, एससीओ और रूस, भारत, चीन सहयोग जैसे बहुपक्षीय मंचों पर अपना सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया.

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