सीमा विवाद पर चीन बोला- भारत इसे और जटिल ना बनाए, रिश्तों में उतार-चढ़ाव आम बात

सीमा विवाद पर चीन बोला- भारत इसे और जटिल ना बनाए, रिश्तों में उतार-चढ़ाव आम बात
भारत के पीएम नरेंद्रव मोदी और शी जिनपिंग (फाइल फोटो)

भारत में चीन के राजदूत ने उम्मीद जताई है कि सीमा विवाद (Border Dispute) को और ना बढ़ाते हुए भारत और चीन (India And China) इसका समाधान निकालें. उन्होंने कहा कि दोनों को शक की बजाए विश्वास बनाने की जरूरत है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 13, 2020, 4:08 PM IST
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नई दिल्ली. लद्दाख के गलवान में चल रहे सीमा विवाद (Border Dispute) के बाद से ही भारत और चीन (India And China) के रिश्तों में खटास सी आ गई है. इसी बीच चीन ने भारत से उम्मीद जताई है कि वह सीमा विवाद को और जटिल नहीं बनाएगा. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में चीनी दूतावास के प्रवक्ता जी रोंग ने बुधवार रात ट्वीट कर कहा कि दोनों देशों को इस मामले में मिलकर कदम उठाना होगा. जी रोंग ने अपने ट्वीट में लिखा, 'उम्मीद है कि भारत ऐसा कोई क़दम नहीं उठाएगा, जिससे सीमा पर स्थिति और जटिल हो. चीन उम्मीद करता है कि भारत सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता के लिए उपयुक्त माहौल तैयार करेगा.' उन्होंने द्विपक्षीय रिश्तों में प्रगति का भी जिक्र किया.

जहां एक तरफ भारतीय पक्ष का कहना है कि चीन के साथ सीमा पर संघर्ष लंबा खिंच सकता है. तो वहीं चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि भारत और चीन कूटनीतिक और सैनिक माध्यम से एक-दूसरे से संपर्क में हैं. मौजूदा समय में भारत-चीन सीमा पर तनाव कम हो रहा है. इस बीच भारत में चीन के दूतावास की पत्रिका के जुलाई अंक में भारत और चीन के रिश्तों पर विस्तार से बात की गई है. इस पत्रिका में भारत में चीन के राजदूत सुन वीडॉन्ग ने लिखा है कि किसी भी रिश्ते में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. ये एक आम बात है.
चीनी राजदूत ने लिखा है कि भारत और चीन के बीच के सीमा विवाद और सीमा पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना से दोनों देशों और इनके नेताओं शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी की द्वीपक्षीय साझेदारी की दूरदृष्टि से हमें भटकना नहीं चाहिए. उन्होंने सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति में कमी का जिक्र किया है और कहा है भारत और चीन को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार होना चाहिए. चीन के राजदूत ने कहा कि 1990 के दशक से चीन और भारत इस सहमति पर पहुंचे थे कि वे दोनों एक दूसरे के लिए खतरा नहीं हैं.

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निकालना चाहिए समाधान
चीनी राजदूत ने कहा कि चीन और भारत को सीमा विवाद का उपयुक्त समाधान निकालना चाहिए, जो दोनों पक्षों को मंजूर हो. उन्होंने कहा कि कुछ लोग भारत और चीन के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में दरार का ढोल पीट रहे हैं, ये गलत सोच है. उन्होंने कहा कि भारत और चीन को शक की बजाए विश्वास बनाने की जरूरत है. 15 जून को गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच संघर्ष में भारत के 20 सैनिकों की मौत हो गई थी. चीन ने हताहतों के बारे में आधिकारिक रूप से अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है. तब से सीमावर्ती इलाक़े में दोनों देशों की ओर से सैनिकों का जमावड़ा है.
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