चीनी सर्वे : 51% लोगों को मोदी पसंद, 90% भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से सहमत

चीनी सर्वे : 51% लोगों को मोदी पसंद, 90% भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से सहमत
चीन के सर्वे में लोगों ने मोदी सरकार की तारीफ की

Global Times survey: चीन के सरकारी अख़बार के एक सर्वे में मोदी सरकार की नीतियों को 51% लोगों ने पसंद किया है जबकि 57% मानते हैं की चीन को भारतीय सेना से कोई ख़तरा नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2020, 2:08 PM IST
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बीजिंग. भारत-चीन (India-China Border Dispute) के सैनिकों के बीच लद्दाख के गलवान घाटी में हुए सैन्य संघर्ष के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है. इसी बीच चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स (Global Times Survey) ने दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर सर्वे कराया है. इस सर्वे में चीन की 51 प्रतिशत जनता ने मोदी सरकार (Narendra Modi) की तारीफ की है. इसी सर्वे में सामने आया है कि चीन के लोग अपने नेताओं की कुछ नीतियों के प्रति खुश नहीं हैं.

ग्‍लोबल टाइम्‍स के सर्वेक्षण में 70 फीसदी चीनी लोगों ने कहा कि भारत में चीन विरोधी सोच बहुत ज्‍यादा है. हालांकि वहीं 30 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्‍हें लगता है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच रिश्‍ते सुधरेंगे. इस सर्वे में चीन के लोगों ने रूस, जापान और पाकिस्तान के बाद भारत को पसंदीदा देश बताया है. हालांकि सर्वे में शामिल 90% लोग भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से सहमत हैं. करीब 50% चीनी मानते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था चीन पर काफी ज्यादा निर्भर है और हाल ही के क़दमों से भारत को नुकसान होगा.


सिर्फ 56% जानते हैं भारत के बारे मेंसर्वे में सिर्फ 56 फीसदी लोगों ने माना है कि वे भारत में रुचि रखते हैं या फिर उन्हें इस देश के बारे में कुछ पता है. 57% चीनियों का मानना है कि भारत की सेना इतनी विकसित नहीं है कि किसी भी तरह से चीनी सेना की टक्कर ले सके. उधर विवादों में चल रही टेक कंपनी हुवावे भारतीयों को लुभाने के लिए जीतोड़ प्रयास कर रही है. हुवावे ने कहा कि वह भारत के प्रति प्रतिबद्ध है और पिछले 20 साल से भारत में काम कर रही है.



मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत हुवावे के उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से हटाना चाहता है. भारत सरकार ने कथित रूप से हुवावे पर बैन लगाने की बजाय टेलीकॉम कंपनियों को संकेत दिया है कि वे चीनी कंपनी से दूर रहें. हुवावे पर अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्‍ट्रेलिया में पूरी तरह से बैन लग गया है. यही नहीं न्‍यूजीलैंड में भी हुवावे पर आंशिक बैन लगाया गया है. भारत ने पिछले दिनों गलवान हिंसा के बाद टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप पर बैन लगा दिया था.




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