भारतीय-अमेरिकियों को क्यों लगता है कि बाइडेन के लिए बेहतर सहयोगी होंगी कमला?

भारतीय-अमेरिकियों को क्यों लगता है कि बाइडेन के लिए बेहतर सहयोगी होंगी कमला?
US President Election 2020: जो बाइडेन की सहयोगी कमला हैरिस

अमेरिका में रह रहे भारतीयों को लगता है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार (Presidential Candidate) जो बाइडेन (Joe Biden) के लिए चुनावों में भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस (Kamla Harris) बेहतर सहयोगी होंगी.

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वॉशिंगटन. डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार (Presidential Candidate) जो बाइडेन (Joe Biden) के लिए चुनावों में भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस (Kamla Harris) बेहतर सहयोगी होंगी क्योंकि उनसे न केवल प्रवासी अनुभवों का लाभ मिलेगा बल्कि यह संकेत भी जाएगा कि सार्वजनिक जीवन में भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों के लिए कोई दरवाजा बंद नहीं है. यह बात भारतीय-अमेरिकी समुदाय के एक प्रमुख नेता ने कही है.

बाइडेन ने कहा, वह किसी महिला को बनाएंगे सहयोगी

हैरिस (55 वर्षीय) के बारे में खबर है कि उन्हें बाइडेन के सहयोगी उम्मीदवारों की सूची में शामिल किया गया है. बाइडेन के राष्ट्रपति बनने पर उनका सहयोगी उपराष्ट्रपति बनेगा. पूर्व उपराष्ट्रपति बाइडेन रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को चुनौती देंगे. बाइडेन ने कहा है कि इस महीने अपने सहयोगी के तौर पर वह किसी महिला को चुनेंगे.



'हैरिस काले अमेरिकियों का अनुभव जानती हैं'
सीएनएन द्वारा प्रकाशित ओप-एड में ‘इम्पैक्ट’ के कार्यकारी निदेशक नील मखीजा ने लिखा कि हैरिस काले अमेरिकियों का अनुभव जानती हैं। वह दक्षिण एशियाई अमेरिकी अनुभव को जानती हैं. उन्हें प्रवासियों का अनुभव है। उन्हें अमेरिका के लोगों की आकांक्षाएं पता हैं। वह इस समय सहयोगी की प्रबल दावेदार हैं. इंपैक्ट भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों का राजनीतिक संगठन है जो कई भारतीय मूल के लोगों को भर्ती, प्रशिक्षण, वित्तपोषण और समुदाय के मेधावी उम्मीदवारों का चयन कर सार्वजनिक कार्यालयों में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के प्रति संकल्पित है.

'भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों के दरवाजा बंद नहीं है'

उन्होंने लिखा कि बाइडेन-हैरिस टिकट से संदेश जाएगा कि सार्वजनिक जीवन में भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों के लिए कोई दरवाजा बंद नहीं है. ऐसे समय में जब हम अपनी राजनीतिक शक्ति को मजबूत करने की शुरुआत कर रहे हैं. हैरिस के पिता काले थे और मां भारतीय थी. उनके माता-पिता दोनों प्रवासी थे. उनके पिता डोनाल्ड हैरिस जमैका के थे और मां श्यामला गोपालन चेन्नई से थीं. वह सीनेट में एशिया के तीन अमेरिकियों में से एक हैं और पहली भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक हैं जिन्होंने चैम्बर में सेवा दी है.

ये रहा है रूझान

शोध संस्था सीआरडब्ल्यू स्ट्रैटजी के आंकड़ों के मुताबिक 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में 77 फीसदी भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों ने डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को वोट दिया था.उन्होंने लिखा कि लेकिन 2020 में डेमोक्रेट समर्थन की निश्चितता नहीं है.

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ट्रम्प के समर्थक अल मैसन ने हाल में एक सर्वेक्षण कराया था जिसमें दावा किया गया कि भारतीय मूल के 50 फीसदी अमेरिकी नागरिक मुख्य राज्यों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी से ट्रम्प की तरफ झुक रहे हैं. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव तीन नवम्बर को होने वाले हैं.
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