US के इस हथियार से आर्मी लगा सकेगी 50 KM दूर से निशाना, बंकर भी होगा तबाह

M 777 होवित्जर तोपों की आपूर्ति अगस्त 2019 से शुरू हो जाएगी और यह पूरी प्रक्रिया 24 महीने में पूरी होगी. M 777 होवित्जर की क्षमता 30 किमी की दूरी तक वार करने की है. इसे हेलिकॉप्टर या प्लेन के जरिए किसी दूसरी जगह भी ले जाया जा सकता है.

News18Hindi
Updated: July 8, 2019, 8:48 AM IST
US के इस हथियार से आर्मी लगा सकेगी 50 KM दूर से निशाना, बंकर भी होगा तबाह
M 777 होवित्जर तोपों की आपूर्ति अगस्त 2019 से शुरू हो जाएगी.
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Updated: July 8, 2019, 8:48 AM IST
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में फरवरी में हुए हमले को अब तक का सबसे बड़ा आत्मघाती हमला माना जाता है. भविष्य में इन हमलों को रोकने के लिए भारतीय सेना अपनी ताकत को और मजबूत करने की तैयारी में है. दरअसल, घनी आबादी में भी दूसरों को नुकसान पहुंचाए बिना दुश्मन पर सटीक हमले के लिए भारतीय सेना अमेरिका से खास किस्म का गोला और बम खरीदने जा रही है. रक्षा मंत्रालय अमेरिका से M-777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर्स तोपें और बम खरीदने की बात को आगे बढ़ा रहा है. लंबी दूरी की तोपों में इस गोले का इस्तेमाल होगा. एक्सकैलिबर गाइडेड इस गोले से 50 किलोमीटर से ज्यादा दूरी से भी लक्ष्य पर सटीक निशाना साधा जा सकता है.

हाल में हुई एक बैठक में सेना ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अमेरिका से इस गाइडेड गोलाबारूद की खरीद की योजना के बारे में जानकारी दी थी. ये जीपीएस प्रणाली का इस्तेमाल कर 50 किमी की दूरी से ही दुश्मन के ठिकाने को तबाह करने में सक्षम है. यह गोला-बारूद नियंत्रण रेखा (LoC) पर तैनात यूनिटों के लिए खरीदा जा रहा है, जहां पाकिस्तान की तरफ से आए दिन गोलाबारी होती रहती है. यह बम हवा में और बंकर जैसे ढांचे में घुसने के बाद भी धमाका कर सकता है.

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यह बम हवा में और बंकर जैसे ढांचे में घुसने के बाद भी धमाका कर सकता है.


M 777 Howitzer तोप की खासियत
इन तोपों की आपूर्ति अगस्त 2019 से शुरू हो जाएगी और यह पूरी प्रक्रिया 24 महीने में पूरी होगी. M 777 होवित्जर की क्षमता 30 किमी की दूरी तक वार करने की है. इसे हेलिकॉप्टर या प्लेन के जरिए किसी दूसरी जगह भी ले जाया जा सकता है. बता दें कि वर्तमान में 52 कैलिबर की M777 तोप का इस्तेमाल अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया जैसे शक्तिशाली देश कर रहे हैं.

खरीदी जाएंगी स्पाइक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें
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यही नहीं, भारतीय सेना अमेरिका में बनी M-777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर्स तोपें भी खरीद रही है, जिससे एक्सकैलिबर गोलाबारूद को दागा जा सकता है. इसके अलावा स्पाइक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें भी खरीदने का प्लान है, जो दुश्मन के बख्तरबंद ठिकाने को भी बर्बाद कर सकती है.

भारत और अमेरिका महत्वपूर्ण सैन्य प्रौद्योगिकी और गोपनीय सूचनाएं साझा करने की रूपरेखा पर काम कर रहे हैं.


भारत, अमेरिका गोपनीय रक्षा टेक्‍नोलॉजी पर कर रहे काम
भारत और अमेरिका महत्वपूर्ण सैन्य प्रौद्योगिकी और गोपनीय सूचनाएं साझा करने की रूपरेखा पर काम कर रहे हैं. ताकि अमेरिकी रक्षा कंपनियां संयुक्त उपक्रम के तहत भारतीय निजी क्षेत्र को ये प्रौद्योगिकी हस्तांरित कर सकें. यह जानकारी ऑटोमोबाइल क्षेत्र के सूत्रों ने दी. रूपरेखा में विशिष्ट उपायों का जिक्र होगा ताकि भारतीय कंपनियों के साथ साझा की गई संवेदनशील प्रौद्योगिकी और गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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First published: July 8, 2019, 8:48 AM IST
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