भारतीय मूल के डॉक्टर ने यूएई में COVID-19 से मोर्चा लेने के लिए आगे की पढ़ाई छोड़ी

भारतीय मूल के डॉक्टर ने यूएई में COVID-19 से मोर्चा लेने के लिए आगे की पढ़ाई छोड़ी
डॉ. आदित्य जी. वर्मा

डॉक्टर ने COVID-19 के खिलाफ चल रही लड़ाई में आगे बढ़कर लड़ने का फैसला किया है. दुबई में जन्मे इस भारतीय डॉक्टर ने एक वॉलिंटेयर के रूप में सेवा करने के लिए अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया.

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दुबई. डॉक्टर ने कोविड-19 (COVID-19) के खिलाफ चल रही लड़ाई में आगे बढ़कर लड़ने का फैसला किया है. दुबई (Dubai) में जन्मे इस भारतीय डॉक्टर (Indian Doctor) ने अल-वॉरसन हॉस्पिटैलिटी एंड हेल्थकेयर सेंटर में एक वॉलिंटेयर के रूप में सेवा करने के लिए अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन इन आर्थोपेडिक सर्जरी) को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया.

25 वर्षीय डॉक्टर कोविड का कर रहे हैं इलाज

25 वर्षीय डॉ आदित्य जी वर्मा द मिलेनियम स्कूल दुबई के पूर्व छात्र हैं जो 9 अप्रैल से अल वारसन सुविधा केंद्र में कोविद -19 के रोगियों का इलाज कर रहे हैं. जब उन्हें अल वारसन सेंटर में चिकित्सा पेशेवरों की कमी के बारे में पता चला तो उन्होंने वहां स्वेच्छा से अपनी स्वयें देने का निर्णय लिया.



डॉक्टर वर्मा को मिली यूएई टॉप लीडरों से प्रेरणा



डॉक्टर वर्मा कहते हैं कि वे कोविद-19 के संदर्भ में यूएई में शीर्ष के नेताओं के प्रयासों से बहुत प्रेरित हुए, जिनमें शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम, दुबई के राजकुमार और दुबई कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष विशेष हैं. वर्मा ने कहा कि यूएई शासकों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए यह काम कर रहे हैं. डॉ वर्मा ने अपने एक बहुत व्यस्त दिन में थोड़ा समय निकाल कर खलीज टाइम्स से बात करते हुए कहा कि वे शेख हमदान को उनके द्वारा किए गए सभी कार्यों के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं.

शूगर और बीपी मरीजों की देखभाल करते हैं डॉ. वर्मा

डॉ. वर्मा ने बताया कि शेख हमदान ने दुबई में जमीनी स्तर बहुत महत्वपूर्ण काम किए हैं और वे उनके द्वारा की गई हर चीज के लिए अपनी सच्ची भावना प्रदर्शित करना चाहते हैं. डॉ. वर्मा ने बताया कि वे दुबई हेल्थ अथॉरिटी (डीएचए) के साथ मिलकर डायबिटीज और हाइपरटेंशन वाले मरीजों की देखभाल करते हैं और उनके स्टेटस पर नजर रखते हैं.

डॉ. वर्मा ने कहा कि दुबई हेल्थ अथॉरिटी (डीएचए) के साथ मिलकर मैं डायबिटीज और हाइपरटेंशन वाले मेडिकल मामलों में मरीजों की देखभाल करता हूं. मैं उनके स्टेटस पर नजर रखता हूं. कई रोगियों को पेट में और सीने में हल्का हल्का दर्द होता है, जो गंभीर भी हो सकता है. ऐसे में हम यह देखने के लिए उनकी जांच करते हैं कि क्या उन पर अधिक चिकित्सा ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है और अस्पताल में भर्ती किये जाने की जरूरत है. वे कोविड-19 के संदिग्ध रोगियों के लिए बनाई गई स्वाबिंग टीम का भी हिस्सा रहे.

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First published: June 6, 2020, 3:54 PM IST
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