भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक को कैंसर बायोमार्कर्स के लिए मिला 65 लाख डॉलर का पुरस्कार

यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन मेडिकल स्कूल में पैथोलॉजी के प्रोफेसर चिन्नैयन ने कहा, ‘इस अनुदान से हमें नए बायोमार्कर की पहचान और कैंसर की वृद्धि में उनकी जैविक भूमिका में समझने में मदद मिलेगी.’

भाषा
Updated: September 12, 2018, 9:10 AM IST
भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक को कैंसर बायोमार्कर्स के लिए मिला 65 लाख डॉलर का पुरस्कार
(Image: U-M Rogel Cancer Center/@UMRogelCancer)
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Updated: September 12, 2018, 9:10 AM IST
भारतीय मूल के एक अमेरिकी वैज्ञानिक को कैंसर बायोमार्कर्स की पहचान के लिए 65 लाख अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार दिया गया है. कैंसर बायोमार्कर की पहचान से कैंसर के उपचार और इस घातक बीमारी के लिए नई लक्षित थेरेपी के विकास में मदद मिलेगी.

यूएस नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट ने अरुल चिन्नैयन को यह पुरस्कार दिया है. चिन्नैयन मिशिगन विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं. मिशिगन विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि चिन्नैयन को नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट से ‘आउटस्टैंडिंग इन्वेस्टीगेटर अवार्ड’ मिला है.

यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन मेडिकल स्कूल में पैथोलॉजी के प्रोफेसर चिन्नैयन ने कहा, ‘इस अनुदान से हमें नए बायोमार्कर की पहचान और कैंसर की वृद्धि में उनकी जैविक भूमिका में समझने में मदद मिलेगी.’

कैंसर के जानकार चिन्नैयन ने 2010 में मिशिगन ऑकोलाजी सिक्वेंसिंग (एमआई-ओएनसीओएसईक्यू) कार्यक्रम शुरू किया. बायोमार्कर या बायोलॉजिकल मार्कर एक प्रकार का संकेतक है जो जैविक स्थिति या हालात की जानकारी देता है.
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