अच्छी खबर: बुकर पुरस्कार की दौड़ में भारतीय लेखिका अवनि दोशी भी शामिल

वनि दोशी भी बुकर पुरस्कार की दौड़ में शामिल

दुबई में रहने वाली भारतवंशी लेखिका अवनि दोशी (Awani Doshi) समेत 13 लेखकों के नाम को 2020 के बुकर पुरस्कार (Booker Prize) के लिए संक्षिप्त सूची में शामिल किया गया है.

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    लंदन. दुबई में रहने वाली भारतवंशी लेखिका (Indian Origin) अवनि दोशी (Awani Doshi) समेत 13 लेखकों के नाम को 2020 के बुकर पुरस्कार (Booker Prize) के लिए संक्षिप्त सूची में शामिल किया गया है. इस सूची में दो बार बुकर पुरस्कार जीत चुकीं हिलेरी मेंटल का भी नाम है. चयन मंडल ने लेखकों की संक्षिप्त सूची तैयार करने के लिए ब्रिटेन और आयरलैंड में अक्टूबर 2019 से प्रकाशित 162 उपन्यासों का आकलन किया. इसमें से छह लेखकों के नाम की घोषणा सितंबर में होगी और नवंबर में पुरस्कार की घोषणा की जाएगी.

    मां-बेटी के जटिल और असामान्य रिश्तों को किया बयां

    मेंटल को ‘द मिरर एंड द लाइट’ के लिए और दोशी को उनके उपन्यास ‘बर्न्ट शुगर’ के लिए इस सूची में जगह मिली है. सूची में दोशी का नाम शामिल किए जाने पर चयन मंडल ने कहा कि उन्होंने मां-बेटी के जटिल और असमान्य रिश्तों को बहुत खूबसूरती के साथ बयां किया है. अवनि ने तारा और अंतरा के इर्द गिर्द कहानी बुनी है. यह मां-बेटी के बीच के प्यार की कहानी है. तारा स्मरण दोष की पीड़ा से गुजर रही हैं लेकिन वह इसे स्वीकार नहीं करती हैं.

    दुबई में रहती हैं अवनि दोशी

    अमेरिका में जन्मीं और अब दुबई में रह रहीं दोशी ने अपने पहले उपन्यास के बारे में लंबी यात्रा का जिक्र किया था. पिछले साल भारत में उनकी किताब ‘गर्ल इन व्हाइट कॉटन’ का विमोचन हुआ और ब्रिटेन में पिछले बृहस्पतिवार को ‘बर्न्ट शुगर’ के तौर पर इसे जारी किया गया.

    बीए और एमए की पढ़ाई इतिहास में पूरी की

    अवनि दोशी ने अमेरिका के बनार्ड कॉलेज से इतिहास में बीए किया. उन्होंने एमए की पढ़ाई यूनिवर्सिटी कॉलेज आफ लंदन किया. एमए की पढ़ाई भी उन्होंने इतिहास में पूरी की है. अवनि को वर्ष 2013 में दक्षिण ​एशिया के टिबोर जोन्स सम्मान से सम्मानित किया गया.

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    गल्प के लिए बुकर पुरस्कार में किसी भी देश के लेखक हिस्सा ले सकते हैं. यह किताब अंग्रेजी में होनी चाहिए और इसका प्रकाशन ब्रिटेन या आयरलैंड में होना चाहिए. अंतिम सूची के छह किताबों की घोषणा 15 सितंबर को की जाएगी. वर्ष 2019 का बुकर पुरस्कार संयुक्त रूप से दो लेखिकाओं - मार्गरेट एटवुड और बर्नार्डिन एवरिस्टो को दिया गया.

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