भारतीयों वैज्ञानिकों का दावा, इलेक्ट्रिक कुकर में N-95 मास्क को करें रोगाणु मुक्त

भारतीयों वैज्ञानिकों का दावा, इलेक्ट्रिक कुकर में N-95 मास्क को करें रोगाणु मुक्त
इलेक्ट्रिक कुकर में एन—95 मास्क को रोगाणु मुक्त बनाएं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भारतीय मूल के एक शोधकर्ता सहित वैज्ञानिकों के दल ने एक अध्ययन में दावा किया है कि एन-95 मास्क (N-95 Mask) को 50 मिनट तक इलेक्ट्रिक कुकर (Electric Cooker) में बिना पानी गर्म कर रोगाणु मुक्त किया जा सकता है.

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वाशिंगटन. भारतीय मूल के एक शोधकर्ता सहित वैज्ञानिकों के दल ने एक अध्ययन में दावा किया है कि एन-95 मास्क (N-95 Mask) को 50 मिनट तक इलेक्ट्रिक कुकर (Electric Cooker) में बिना पानी गर्म कर रोगाणु मुक्त किया जा सकता है. उनका यह भी दावा है कि इससे मास्क की वायरस से बचाव करने की क्षमता में भी कोई कमी नहीं आती है. इनवायरमेंटल साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी लेटर नाम के जर्नल में प्रकाशित शोध के नतीजों के मुताबिक सीमित आपूर्ति होने पर मास्क को सुरक्षित तरीके से बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है जबकि मौजूदा समय में इनका एक बार ही इस्तेमाल किया जाता है. हवा में मौजूद वायरस से युक्त वाष्प की बूंदों और कण से बचाव के लिए एन-95 मास्क सबसे प्रभावी है. इन्हीं से कोविड-19 होने का खतरा होता है.

अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय अर्बारना-शैम्पेन में प्रोफेसर थान्ह न्गुयेन ने कहा कि कपड़े का मास्क या सर्जिकल मास्क पहनने वाले के मुंह से निकलने वाली बूंदों से अन्य लोगों का बचाव करता है लेकिन एन-95 मास्क उन बूंदों को फिल्टर कर पहनने वाले को बचाता है, जिसमें वायरस हो सकते हैं.

एन-95 मास्क को रोगाणु मुक्त करने के लिए कई तरीके हैं



इलिनॉय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विशाल वर्मा ने कहा कि रोगाणु मुक्त करने के कई अलग-अलग तरीके हैं लेकिन अधिकतर में एन-95 मास्क के विषाणु युक्त वाष्प कणों को छानने की क्षमता नष्ट हो जाती है. उन्होंने कहा कि रोगाणु मुक्त करने की किसी भी प्रक्रिया में मास्क को पूरी सतह को संक्रमण मुक्त करने की जरूरत होती है लेकिन साथ ही यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि उसके फिल्टर करने की क्षमता बनी रहे और इसे पहनने वाले के लिए सुरक्षित रहे। अन्यथा इससे सही सुरक्षा नहीं होगी.
इसका लाभ स्वास्थ्य कर्मियों को मिल सकता है

शोधकर्ताओं ने इलेक्ट्रिक कुकर पद्धति में मास्क को रोगाणु मुक्त करने की संभावना देखी जो स्वास्थ्य कर्मियों के लिए लाभदायक हो सकती है, खासतौर पर छोटे क्लीनिक और अस्पतालों के लिए जहां पर ऊष्मा आधारित रोगाणु मुक्त करने के बड़े उपकरण मौजूद नहीं है. शोधकर्ताओं ने ऐसी पद्धति की परिकल्पना की जो तीनों मानकों- रोगाणुमुक्त, फिल्ट्रेशन (छानने की क्षमता), फिट (इस्तेमाल करने योग्य)- को बिना किसी विशेष प्रक्रिया अथवा रसायन को छोड़े पूरा करे। वह ऐसी पद्धति की खोज करना चाहते थे जिसका इस्तेमाल लोग अपने घर में कर सकें. इसके मद्देनजर शोध दल ने इलेक्ट्रिक कुकर को लेकर परीक्षण किया, जो लोगों के रसोई घर में उपलब्ध रहता है.

50 मिनट तक 100 डिग्री सेल्सियस पर मास्क को गर्म करें

शोधकर्ताओं ने इसकी पुष्टि की कि कुकर में 50 मिनट तक 100 डिग्री सेल्सियस पर मास्क को गर्म करने से कोरोना वायरस सहित चार तरह के वायरस नष्ट हो जाते हैं. यह पैराबैंगनी रोशनी से रोगाणु मुक्त करने की पद्धति से भी अधिक प्रभावी है.

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वर्मा ने बताया कि एयरोसोल (हवा में मौजूद वाष्प कण) जांच प्रयोगशाला में चैम्बर बनाया और उसमें एन-95 मास्क से गुजरने वाले कणों की गणना की. हमने पाया कि 20 बार इलेक्ट्रिक कुकर में रोगाणु मुक्त करने की प्रक्रिया किए जाने के बावजूद मास्क ठीक से काम कर रहा था. शोधकर्ताओं ने कहा कि मास्क को बिना पानी कुकर में गर्म किया जाना चाहिए न कि पानी में. कुकर के तल पर एक छोटी तौलिया रखनी चाहिए ताकि मास्क सीधे गर्म धातु के संपर्क में नहीं आए.
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