ब्रिटेन में भारतीय सिख ड्राइवर को तालिबानी बताया, पगड़ी उछाली और पीटा

41 साल के विनीत सिंह को ब्रिटेन में गोरे यात्रियों ने तालिबानी होने के शक में पीटा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
41 साल के विनीत सिंह को ब्रिटेन में गोरे यात्रियों ने तालिबानी होने के शक में पीटा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भारत में जन्मे सिख टैक्सी (India Born Sikh Driver) ड्राइवर को ब्रिटेन में चार लोगों ने उन्हें तालिबानी (Talinbani) होने के शक में मारा पीटा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 6:08 PM IST
  • Share this:
लंदन. भारत में जन्मे सिख टैक्सी (India Born Sikh Driver) ड्राइवर को ब्रिटेन में चार लोगों ने उन्हें तालिबानी (Talinbani) होने के शक में मारा पीटा (Beaten by Britishers). 41 साल के विनीत सिंह ने रविवार की रात दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में रीडिंग शहर के ग्रोसवेनर कैसीनो से चार लोगों को अपनी टैक्सी में बिठाया. बैठने के कुछ देर बाद उन चारों ने पूछा कि क्या तुम तालिबानी हो? इसके बाद विनीत सिंह को यात्रियों के मौखिक और शारीरिक शोषण का शिकार होना पड़ा. इस घटना की शिकायत के बाद ब्रिटेन की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

पगड़ी उतरने की कोशिश की

विनीत सिंह ने बताया कि चारों या​त्री गोरे थे. वे जब गाड़ी चला रहे थे तो उनमें से एक यात्री ने उनके सिर पर एक थप्पड़ मारा जबकि एक दूसरे यात्री ने उनकी सीट के पीछे लात मारी और उन्हें धक्का दिया. तीसरे यात्री ने उनकी पगड़ी उतारने की कोशिश की. विनीत ने कहा कि यह एक बहुत बुरा अनुभव है और मैं एक धार्मिक व्यक्ति हूं और पगड़ी मेरे लिए सम्मान का विषय है. उन्होंने कहा कि उन्होंने चारों यात्रियों को पगड़ी के धार्मिक महत्व समझाने की कोशिश की और उनसे ना छूने का आग्रह भी किया. इस घटना से दुखी विनीत को इस बात पर यकीन है कि यह हमला ना सिर्फ नस्लवाद से प्रेरित था बल्कि चारों यात्री घृणा से भरे हुए थे.



विनीत मूल रूप से संगीत के शिक्षक हैं
अपनी पत्नी और बच्चों के साथ टाइलहर्स्ट में रहने वाले विनीत सिंह बर्कशायर के स्लॉफ़ में एक स्कूल में एक संगीत शिक्षक के रूप में काम करते थे. कोरोना वायरस महामारी के चलते उनकी संगीत शिक्षक की नौकरी चली गई. यही वजह है कि उन्हें घर चलाने के लिए टैक्सी चलानी पड़ी.

ये भी पढ़ें: युद्ध से बर्बाद हुए यमन को मिला गधों का सहारा, एक लाख रियाल तक मिल रही है कीमत 

चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग को बिजनेसमैन ने 'जोकर' बताया, हुई 18 साल जेल की सजा 

विनीत सिंह ने कहा कि इस भयावह अनुभव के बाद वे नाइट शिफ्ट में टैक्सी नहीं चलाएंगे. वे अभी भी बहुत डरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि चारों यात्री टैक्सी में सवार होने के समय अच्छा बर्ताव कर रहे थे लेकिन धीरे-धीरे वे नस्लवाद के रंगत में रंगते चले गए और उनका व्यवहार हिंसक होता चला गया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज