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कोरोना वायरस: फिलीपींस में फंसे भारतीय छात्र बोले- यहां हालात खराब हो रहे हैं, हम घर जाना चाहते हैं

News18Hindi
Updated: March 24, 2020, 5:56 PM IST
कोरोना वायरस: फिलीपींस में फंसे भारतीय छात्र बोले- यहां हालात खराब हो रहे हैं, हम घर जाना चाहते हैं
फिलीपींस में करीब 16000 भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं.

फिलीपींस (Phillipines) में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के चलते भारतीय छात्र वापस अपने देश आने के लिए बेताब हैं. खबर लिखे जाने तक फिलीपींस में संक्रमित लोगों की संख्या 380 हो गई है जबकि इस बीमारी से अब तक 25 लोगों की मौत हो गई है.

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  • Last Updated: March 24, 2020, 5:56 PM IST
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नई दिल्ली. पूरी दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं. लोगों के एक जगह से दूसरी जगह जाने पर पाबंदी लगी हुई है. लोग एक देश से दूसरे देश में सफर नहीं कर पा रहे हैं. दुनिया भर के कई देशों में भारतीय भी फंसे हुए हैं जो कि अपने देश वापस आने के लिए परेशान हैं. भारत ने कुछ दिन पहले अचानक अफगानिस्तान (Afghanistan), फिलीपींस (Philippines) और मलेशिया (Malaysia) से आने वाले यात्रियों पर रोक लगा दी. भारत के इस कदम से फिलीपींस के मनीला इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Manila International Airport) पर कई भारतीय छात्र फंस गए. एयरपोर्ट पर दो रातें बिताने के बाद छात्रों को अपने ठिकानों पर वापस लौटना पड़ा.

लेकिन इस द्वीपीय देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते भारतीय छात्र वापस अपने देश आने के लिए बेताब हैं. खबर लिखे जाने तक फिलीपींस में संक्रमित लोगों की संख्या 380 हो गई है जबकि इस बीमारी से अब तक 25 लोगों की मौत हो गई है.

लोगों की संख्या में हो रहा इजाफा
स्थानीय लोगों से घर में रहने की अपील करने के बाद सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा कर दी. लेकिन लॉकडाउन के बावजूद संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए दिव्येश केकणे नाम के एक छात्र ने कहा कि हाल ही में मेरे घर के बाहर की सड़क पर एक आदमी संक्रमित पाया गया. दिव्येश ने बताया कि हमें सुपरमार्केट में सामान लेने के लिए तीन से चार घंटे तक लाइन में खड़े रहना पड़ता है जिससे ये वायरस फैलने का खतरा बढ़ जाता है.



ऐसी परिस्थिति में घर से दूर रहने के चलते ये छात्र और भी परेशान हैं. वेनेज़ुएला की लेडी ऑफ फातिमा यूनिवर्सिटी के एक छात्र संदीप नागर ने कहा कि हमें सुपरमार्केट के बाहर नहीं खड़े होना पड़ रहा क्योंकि हमें कैंटीन से खाना मिल रहा है लेकिन हमें पता नहीं कि वो हमें कब तक खाना देंगे.

महंगी स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ा रहीं चिंता
फिलीपींस की महंगी स्वास्थ्य सेवाएं भी इन छात्रों की चिंताओं को बढ़ा रही है. दिव्येश ने बताया कि फीवर में चेकअप कराने की कीमत 3000 पेसोस (करीब 4500 रुपये और ब्लड टेस्ट की कीमत 2500 पेसोस (करीब 4000 रुपये) है.

संदीप ने कहा कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो यहां के अस्पताल स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देंगे. यहां का स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा भारत जितना बेहतर नहीं है.

फिलीपींस में 16000 भारतीय छात्र 
भारतीय दूतावास का कहना है कि यात्रा पर पाबंदी कुछ समय के लिए ही है हालांकि इसके बावजूद छात्र परेशान हैं. उनका कहना है कि मेडिकल का छात्र होने के नाते हम सरकार की परेशानी समझ सकते हैं लेकिन हम उन्हें गारंटी देते हैं कि वापस जाने के बाद हम खुद को कॉरन्टाइन में रखेंगे. हम सिर्फ अपने घर जाना चाहते हैं.

मनीला में भारतीय दूतावास के अनुसार, “फिलीपींस में लगभग 16,000 भारतीय छात्र हैं, जिनमें से लगभग सभी मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं. हमें कई सौ छात्रों से घर वापस जाने की इच्छा जाहिर करने वाले अनुरोध मिले हैं. ”

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First published: March 24, 2020, 5:08 PM IST
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