इंडोनेशिया में इस्लामिक धर्मगुरू रिजीक के छह समर्थकों को पुलिस ने मारी गोली, मौत

इंडोनिशया में इस्लामी धर्मगुरू रिजीक शिहाब के छह समर्थकों को पुलिस ने झड़प के दौरान गोली मार दी. फोटो: AP

इंडोनिशया में इस्लामी धर्मगुरू रिजीक शिहाब के छह समर्थकों को पुलिस ने झड़प के दौरान गोली मार दी. फोटो: AP

Six supporters of Indonesian cleric killed: इंडोनेशियाई इस्लामिक धर्मगुरू (Indonesia Islamic Cleric) रिजीक शिहाब (Rizieq Shihab) के छह समर्थकों की मौत (Six Supporters Died) हो गई. जकार्ता के पुलिस प्रमुख फादिल इमरान ने घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह घटना आधी रात के बाद एक राजमार्ग पर हुई जहाँ रिजिक शिहाब के समर्थकों ने अलग अलग तरह के हथियारों जैसे पिस्तौल, दरांती और समुराई तलवार से पुलिस पर हमला बोल दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 7, 2020, 6:55 PM IST
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जर्काता. इंडोनेशिया में सोमवार को गोलीबारी की एक घटना में इंडोनेशियाई इस्लामिक धर्मगुरू (Indonesia Islamic Cleric)  रिजीक शिहाब (Rizieq Shihab) के छह समर्थकों की मौत (Six Supporters Died) हो गई. पुलिस का मानना है कि इस झड़प से दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देश में अधिकारियों और इस्लाम धर्म के मानने वालों के बीच तनाव बढ़ सकता है. जकार्ता के पुलिस प्रमुख फादिल इमरान ने घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह घटना आधी रात के बाद एक राजमार्ग पर हुई जहाँ रिजिक शिहाब के समर्थकों ने अलग अलग तरह के हथियारों जैसे पिस्तौल, दरांती और समुराई तलवार से पुलिस पर हमला बोल दिया.

रिजिक के समर्थकों ने पुलिस पर किया था हमला: पुलिस

प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस ने हथियारों का भी प्रदर्शन किया. पिछले महीने सऊदी अरब से आत्म निवास करके आने के बाद विवादास्पद और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली मौलवी ने कई सामूहिक समारोह किये जिनमें कोरोना वायरस का प्रोटोकॉल तोडा गया था. पुलिस कोरोनोवायरस प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के लिए इस मौलवी की जांच में लगी हुई थी. यह मौलवी पिछले हफ्ते भी पुलिस की पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुआ और न ही इस हफ्ते वह जाँच के लिए सामने आया.

घटना के समय धर्मगुरू रिजीक और उनका परिवार पढ़ रहे थे नमाज
धार्मिक गुरू रिजीक के नेतृत्व वाले हार्डलाइन समूह 'इस्लामिक डिफेंडर फ्रंट' (एफपीआई) के एक प्रवक्ता मुनरमन ने पुलिस के उनके अनुयायियों के सशस्त्र होने के इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनके धर्मगुरू और उनका परिवार उस समय सुबह की नमाज पढ़ रहे थे जब उन पर कुछ अनजान लोगों ने हमला किया. उन्होंने कहा कि रिज़िक के छह अंगरक्षकों की हत्या अन्यायपूर्ण है.

इस मौलवी का इतिहास है विवादास्पद

55 साल के इस फायरब्रांड मौलवी ने 2017 में पोर्नोग्राफी और देश के प्रति अपमानजनक विचारधारा के कारण तीन साल सऊदी अरब में गुजारे. वहां तीन साल काटने के बाद अब जब वह जकार्ता में वापस लौटा तब उसके हजारों अनुयायियों ने सफेद इस्लामी वेश में एयरपोर्ट पहुंचकर हेल्थ प्रोटोकॉल तोड़कर उसका हाथ चूमा. इंडोनेशिया छोड़ने से पहले रिजीक बासुकी तजहा पुरमना नाम के जकार्ता के पूर्व ईसाई गवर्नर का विरोध करने वाले कट्टरपंथी the 212 ’आंदोलन का प्रमुख था. बासुकी तजहा पुरमना को अहोक के नाम से भी जाना जाता है और जिसे इस्लाम का अपमान करने के लिए जेल भेजा गया था.



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अपनी वापसी के बाद के हफ्तों में, रिज़िक ने एक "नैतिक धर्मयुद्ध" शुरू करने की योजना की घोषणा की और कुछ सरकार और विपक्षी हस्तियों से मुलाकात की, जिससे राष्ट्रपति जोको विडोडो के प्रशासन में बेचैनी पैदा हो गई है.

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