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आईएस में भर्ती होने गए सैकड़ों लोगों को वापस नहीं आने देगा इंडोनेशिया

भाषा
Updated: February 12, 2020, 2:32 PM IST
आईएस में भर्ती होने गए सैकड़ों लोगों को वापस नहीं आने देगा इंडोनेशिया
हालांकि इस पर आलोचकों का कहना है कि बेहतर होगा कि विदेशी लड़ाकों को वापस लाया जाए और उनका पुनर्वास किया जाए.

सुरक्षा मामलों के मंत्री महफूज एमडी ने कहा कि 'महिलाओं और बच्चों समेत इंडोनेशिया के 689 लोग सीरिया में हैं और उन्हें देश लौटने की इजाजत नहीं दी जाएगी, सरकार को 26 करोड़ 70 लाख इंडोनेशियाई नागरिकों को सुरक्षा मुहैया करानी है.'

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बोगोर. इंडोनेशिया (Indonesia) ने कहा है कि वह इस्लामिक स्टेट (Islamic State) में शामिल हुए अपने 700 के करीब नागरिकों को स्वदेश वापस नहीं बुलाएगा, लेकिन वह छोटे बच्चों को वापस लाने पर विचार कर सकता है. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने इस सप्ताह कहा था कि वह सीरिया (Syria) और अन्य देशों में आईएस के लिए लड़ने गए संदिग्ध आतंकवादियों और उनके परिवारों को वापस लाने के पक्ष में नहीं हैं. इस मामले में पूरा देश दो भागों में बंट गया है.

सुरक्षा मामलों के मंत्री महफूज एमडी ने बताया कि महिलाओं और बच्चों समेत इंडोनेशिया के 689 लोग सीरिया में हैं और उन्हें देश लौटने की इजाजत नहीं दी जाएगी, जहां आईएस समर्थक समूहों ने कई बार हमले किए हैं. मंत्री ने जकार्ता के निकट राष्ट्रपति जोको विडोडो से बैठक के बाद मंगलवार को कहा, 'हमने निर्णय किया है कि सरकार को 26 करोड़ 70 लाख इंडोनेशियाई नागरिकों को सुरक्षा मुहैया करानी है.'

उन्होंने आगे कहा, 'अगर ये विदेशी आतंकवादी लड़ाके देश लौट आते हैं तो वे नए खतरनाक विषाणु बन सकते हैं.' मंत्री ने कहा कि सरकार मामले के आधार पर 10 साल और उससे कम उम्र वाले बच्चों को स्वदेश लाने पर विचार कर सकती है. सरकार की इस योजना का देश में विरोध भी हो रहा है. आलोचकों का कहना है कि बेहतर होगा कि विदेशी लड़ाकों को वापस लाया जाए और उनका पुनर्वास किया जाए न कि उन्हें विदेश में और चरमपंथी बनने के लिए छोड़ दिया जाए.

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First published: February 12, 2020, 2:32 PM IST
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