कुलभूषण जाधव का क्या होगा? ICJ 6:30 बजे सुनाएगा फैसला, 8 पॉइंट में समझें पूरा केस

कुलभूषण जाधव को अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी. हालांकि, उनकी सजा के ऐलान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. इसके बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट का रुख किया था.

News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 1:07 PM IST
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Updated: July 17, 2019, 1:07 PM IST
जासूसी के कथित आरोप में पाकिस्‍तान की जेल में बंद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले में बुधवार को हेग स्थित अंतरराष्‍ट्रीय न्‍यायालय (ICJ) अपना फैसला सुनाएगा. भारतीय समयानुसार ये फैसला करीब शाम 6:30 बजे सुनाया जाएगा. आईसीजे में इस मामले में पिछली सुनवाई 18 से 21 फरवरी तक हुई थी. आज आने वाले इस फैसले पर भारत और पाकिस्‍तान की निगाहें हैं. अगर कोर्ट का निर्णय भारत के पक्ष में आया तो निश्चित तौर पर यह एक बड़ी जीत होगी.

पढ़ें : कुलभूषण जाधव मामले में आज फैसला सुनाएगा इंटरनेशनल कोर्ट

कुलभूषण जाधव को अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी. हालांकि, उनकी सजा के ऐलान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. इसके बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट का रुख किया था. अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में करीब दो साल तक भारत ने लड़ाई लड़ी.

आइए जानते हैं क्या है कुलभूषण जाधव मामला और इस मामले में कब क्या हुआ?

कौन हैं कुलभूषण जाधव?
>>भारतीय नौसेना के रिटायर अधिकारी कुलभूषण जाधव फिलहाल पाकिस्तान की जेल में बंद हैं. पाकिस्तान का दावा है कि कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 3 मार्च 2016 को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था. इसके बाद जाधव को मौत की सजा सुनाई गई थी. 25 मार्च 2016 को भारत को जाधव की हिरासत की जानकारी मिली.

कैसे पहुंच गए पाकिस्तान?
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>>भारत पाकिस्तान के दावों को सिरे से खारिज करता आ रहा है. भारत का कहना है कि कुलभूषण जाधव रिटायरमेंट ले चुके थे. वे बिजनेस के सिलसिले में ईरान गए थे, जहां से पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने उनको अगवा कर लिया था.

पाकिस्तान ने कब सुनाई सजा?
>>पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोपों की बंद कमरे में सुनवाई के बाद अप्रैल 2017 में जाधव को मौत की सजा सुनाई थी.

शीशे के दीवार के बीच मां और पत्नी से मिलते जाधव


भारत ने क्या किया?
>>भारत ने दबाव देकर जुर्म कबूल कराने का विरोध करते हुए उसी साल 8 मई को आईसीजे में अपील की थी. भारत ने कोर्ट में पाकिस्‍तान द्वारा कुलभूषण पर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि कोर्ट के समक्ष पाकिस्‍तान की तरफ से एक भी पुख्‍ता सुबूत पेश नहीं किया गया. इतना ही नहीं भारत का कहना था कि पाकिस्‍तान ने एक बार भी जाधव मामले में काउंसलर एक्‍सेस नहीं दिया.

ये भी पढ़ें: जानें कौन हैं हरीश साल्वे, जिन्होंने लड़ा कुलभूषण जाधव के लिए केस

भारत ने आईसीजे से जाधव की मौत की सजा को रद्द करने और उनकी तुरंत रिहाई का आदेश देने की अपील की है. कोर्ट में भारत की तरफ से कुलभूषण जाधव की पैरवी मशहूर वकील हरीश साल्‍वे ने की है.

क्यों नहीं दिया गया काउंसलर एक्सेस?
पाकिस्तान ने आईसीजे के समक्ष की गई भारत की याचिका को नकार दिया. इसमें भारत ने जाधव के लिए काउंसलर एक्सेस की मांग की थी. पाक का दावा था कि भारत अपने जासूस से सूचनाएं निकलवाना चाहता है.

ICJ ने क्या स्टैंड लिया?
>>आईसीजे की 10 सदस्यीय बेंच ने 18 मई 2017 को पाकिस्तान को कुलभुषण जाधव की मौत की सजा पर अमल से रोक दिया था.

कुलभूषण जाधव का परिवार


जाधव को परिवार से मिलने दिया गया था?
>>नवंबर 2017 में पाकिस्‍तान ने जाधव से उसकी पत्‍नी और मां को मिलाने की पेशकश की थी. जिसके बाद दिसंबर में भारत ने इस पर अपनी मुहर लगाई थी. 25 दिसंबर 2017 को जाधव की मां और पत्नी ने पाकिस्तान जाकर जाधव से मुलाकात की. इस दौरान उनके बीच शीशे की दीवार लगा दी गई थी और सिर्फ फोन पर बात कराई गई. भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी.

आखिरी बार कब हुई थी सुनवाई?
>>इस मामले में आईसीजे में आखिरी बार 19 फरवरी 2019 को सुनवाई हुई. जज ने 17 जुलाई 2019 तक फैसला सुरक्षित रखा था. आज फैसला सुनाया जाएगा.

कुलभूषण जाधव के अलावा पाकिस्तान की जेल में बंद हैं सैकड़ों भारतीय

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First published: July 17, 2019, 11:52 AM IST
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