Home /News /world /

कैसे जानवर थे 'डायनासोर', नई खोज ने खोले इतिहास के राज, 200 साल से चल रही थी बहस

कैसे जानवर थे 'डायनासोर', नई खोज ने खोले इतिहास के राज, 200 साल से चल रही थी बहस

नई रिसर्च से पता चलता है कि असल में डायनासोर कैसे जानवर थे.

नई रिसर्च से पता चलता है कि असल में डायनासोर कैसे जानवर थे.

इन सवालों का जवाब खोजने के लिए जीवाश्म विज्ञानी आमतौर पर इनके नजदीकी जीवित रिश्तेदारों पर गौर करते हैं. इस मामले में ये मगरमच्छ और पक्षी हैं.

    ब्रिस्टल. क्या डायनासोर (Jurassic dinosaur) खुरदुरी त्वचा वाले निर्मम जानवर थे या एक-दूसरे का ख्याल रखने वाले? अच्छा व्यवहार करने वाले और बुद्धिमान थे? यह बहस तब शुरू हो गई थी, जब सबसे पहली बार 200 साल पूर्व डायनासोर (Dinosaur) का पता चला था और फिल्मों (Movie) के जरिए यह बहस फैल गई.

    इन सवालों का जवाब खोजने के लिए जीवाश्म विज्ञानी आमतौर पर इनके नजदीकी जीवित रिश्तेदारों पर गौर करते हैं. इस मामले में ये मगरमच्छ और पक्षी हैं. क्या हम डायनासोर को आधुनिक पक्षियों की तरह जटिल सामाजिक व्यवहार वाले प्राणी के तौर पर देखते हैं या संभवत: अधिक अल्पविकसित आदतें देखते हैं, जैसे कि मगरमच्छ और घड़ियालों में देखी जाती है.

    डायनासोर को मूल रूप से क्रूर संभवत: नरभक्षी माना जाता है. निश्चित तौर पर उनमें अपने बच्चों की देखभाल करने लायक दिमाग नहीं होता है. इसके बाद 1970 और 1980 के दशक में जैक हॉर्नर और उनके सहकर्मियों ने अपने अध्ययनों में मोंटाना में 7.7 करोड़ साल पहले पौधे खाने वाले डायनासोर ‘मायसोरा’ की खोज की.

    हॉर्नर और उनके सहकर्मियों को सबूत मिले कि वयस्क मायसोरा डायनासोर साल दर साल अपने झुंड वाले स्थान पर लौटते थे, जो उस जगह को ध्यान रखने की उनकी क्षमता को दिखाता है. जमीन पर उनका आशियाना करीब सात मीटर में होता था.

    इस अध्ययन में डायनासोर को अच्छा सामाजिक व्यवहार करने के साथ प्यार करने वाले माता-पिता के तौर पर दिखाया गया और मायसोरा नाम का मतलब भी ‘अच्छी सरीसृप मां’ होता है.

    अर्जेंटीना में एगिदियो फेरुग्लियो जीवाश्म विज्ञान संग्रहालय के दिएगो पोल के साथ अंतरराष्ट्रीय सहकर्मियों के एक नए अध्ययन में तर्क दिया गया है कि इस तरह के व्यवहार का पता डायनासोर की उत्पत्ति या कम से कम पूर्व जुरासिक काल यानी कि 19.3 करोड़ वर्ष पहले लगाया जा सकता है.

    अर्जेंटीना के पैटागोनिया में जुरासिक स्थल पर एक दल ने मुसौरस नाम की डायनासोर की प्रजातियों के जीवाश्म का अध्ययन किया, जिनके बारे में उनका मानना है कि करीब 19.3 करोड़ वर्ष पहले वे उस स्थान पर जिंदा थे.

    मुसौरस लंबी गर्दन वाले सौरापोडो डायनासोर थे. अनुसंधानकर्ताओं ने डायनासोर के 80 कंकालों के साथ ही उनके आशियानों और करीब 100 अंडों की पहचान की. आशियाने जमीन में उथले हिस्से में थे, जिसमें कतारों में आठ से 30 गोलाकार अंडे रखे हुए थे. अनुसंधानकर्ताओं ने यह पता लगाने के लिए सीटी स्कैन का इस्तेमाल किया कि कुछ अंडों में भ्रूण की छोटी हड्डियां थीं.

    अनुसंधानकर्ताओं ने कंकालों का माप लिया और डायनासोर के आकार और आयु का पता लगाने के लिए उनकी हड्डियों में वृद्धि छल्लों को गिना. यह पता चला कि किशोर या बाल डायनासोरों ने वयस्क डायनासोरों के साथ यात्रा की और पूरा झुंड हर साल अपने आशियाने पर आता था और एक साथ रहता था, संभवत आपसी सुरक्षा के लिए और यहां तक कि अंडे देने वाली माताओं और उनके बच्चों की मदद के लिए. इस तरह के आशियानें (घोंसले) जुरासिक और क्रेटेशियस काल के बीच उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और चीन में पाए गए.

    क्या हम यकीन के साथ कह सकते हैं कि कंकालों का यह संचय सामाजिक व्यवहार के बारे में कुछ कहता है? अगर आपको डायनासोर के कंकालों का ढेर मिल जाए तो इसका यह मतलब नहीं है कि वे एक साथ रहते थे. हो सकता है कि वे किसी नदी या तूफान से एक साथ आकर मिल गए हो.

    इस अध्ययन में प्रारंभिक काल के डायनासोर में जटिल सामाजिक व्यवहार अन्य जीवाश्म सबूतों के साथ मेल खाते हैं कि डायनासोर मगरमच्छ के बजाय पक्षियों की तरह अधिक थे.

    ऐसा हो सकता है कि शुरुआत से उनके पंख हो, लेकिन सबूतों से पता चलता है कि डायनासोर और उनके रिश्तेदार ऐसे जानवर थे, जिनके शरीर का तापमान उनके पर्यावरण के मुकाबले अधिक होता था.

    Tags: Bizarre news, Bizarre story, Dinosaurs, Jurassic world: Fallen Kingdom, Research on Creatures, Researcher

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर