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वैक्सीन की 2 डोज ले चुके लोगों में दिख रहे हैं कोरोना के ये लक्षण, पढ़ें ये स्टडी

 लंदन में हुई नई स्टडी में पता चला है कि वैक्सीन की दो डोज ले चुके लोग अभी भी लगातार खांसी, बुखार और सूंघने में कमी जैसे लक्षणों से जूझ रहे हैं.  (AP)

लंदन में हुई नई स्टडी में पता चला है कि वैक्सीन की दो डोज ले चुके लोग अभी भी लगातार खांसी, बुखार और सूंघने में कमी जैसे लक्षणों से जूझ रहे हैं. (AP)

रिपोर्ट में इन्फेक्टेड लोगों ने एक ऑनलाइन ऐप के माध्यम से अपने कोविड लक्षणों की सूचना दी है. निष्कर्षों के अनुसार, कोविड-19 (Coronavirus Pandemic) के लक्षण स्पष्ट रूप से बदल गए हैं. डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) इसका कारण हो सकता है, जो यूके में अब तक 99% संक्रमणों के लिए जिम्मेदार है.

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    लंदन. दुनियाभर के देशों में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) को खत्म करने के लिए तेजी से वैक्सीनेशन चल रहा है. जैसे-जैसे कोरोना के नए वेरिएंट्स आते रहे, वैसे-वैसे इसके संक्रमण के लक्षण में भी बदलाव देखने को मिला. अब एक नई स्टडी में पता चला है कि कोरोना वैक्सीन (Covid Vaccine) लगवाने वालों में भी कोविड के समान लक्षण दिख रहे हैं. लंदन में हुई नई स्टडी में पता चला है कि वैक्सीन की दो डोज ले चुके लोग अभी भी लगातार खांसी, बुखार और सूंघने में कमी जैसे लक्षणों से जूझ रहे हैं.

    स्टडी के मुताबिक जिन लोगों को टीका लगाया गया है, उनके छींकने को कोरोना वायरस के लक्षण के रूप में रिपोर्ट किया जा रहा है. किंग्स कॉलेज लंदन (केसीएल) के शोधकर्ताओं के अनुसार जिन लोगों का अभी तक वैक्सीनेशन नहीं हुआ है, उनमें छींकने, बुखार और एलर्जी जैसे लक्षण दिखने की बहुत अधिक संभावना है.

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    रिसर्चर्स के मुताबिक, ‘टीका लगाने वाले लोग उसी तरह के लक्षणों का अनुभव करते हैं, जैसा बिना वैक्सीनेट वाले लोग कर रहे हैं. हालांकि, वैक्सीनेट हो चुके लोगों में ऐसे लक्षण बहुत हल्के या छोटे हैं.’

    रिपोर्ट में इन्फेक्टेड लोगों ने एक ऑनलाइन ऐप के माध्यम से अपने कोविड लक्षणों की सूचना दी है. निष्कर्षों के अनुसार, कोविड -19 के लक्षण स्पष्ट रूप से बदल गए हैं. डेल्टा वेरिएंट इसका कारण हो सकता है, जो यूके में अब तक 99% संक्रमणों के लिए जिम्मेदार है.

    हालांकि, जिन लोगों को पहले से ही टीका लग चुका था, उन्होंने कम समय में हल्के लक्षणों की सूचना दी. इसका मतलब साफ है कि अब टीका लगाए गए लोग भी कोरोनावायरस से संक्रमित हो सकते हैं. हालांकि, रिसर्च का ताजा डेटा इस बात की भी पुष्टि करता है कि इन लोगों में आमतौर पर हल्के लक्षण होते हैं और यह टीकाकरण गंभीर, यहां तक कि जानलेवा कोविड -19 को रोकते हैं.

    एक्सपर्ट्स ने कहा कि छींकना वायरस फैलाने का एक ‘महत्वपूर्ण कारक’ है. लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे सार्वजनिक जगहों छींककर ड्रॉपलेट्स न फैलाएं. साथ ही जितना हो सके अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें, जब तक कि आप अच्छे से हाथ साफ न कर लें.

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    मेंज विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में किए गए गुटेनबर्ग कोविड -19 स्टडी से पता चला है कि SARS-CoV-2 से संक्रमित सभी लोगों में से 40% से अधिक अपने कोविड संक्रमण से अनजान थे. एक्सपर्ट का कहना है कि कोविड के बदले हुए लक्षणों से खासकर युवा आबादी के ज्यादा संक्रमित होने की आशंका है. इसलिए आपको सावधान रहना होगा, भले ही आप गंभीर रूप से बीमार महसूस न करें.

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