नई स्टडी में खुलासा- सुस्त जीवनशैली वाले कोविड-19 मरीजों को मौत का खतरा ज्यादा

कोरोना के इन 5 लक्षणों को न करें नजरअंदाज (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

कोरोना के इन 5 लक्षणों को न करें नजरअंदाज (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

New Coronavirus Study: कोविड-19 के गंभीर संक्रमण का कारण बढ़ती उम्र, पुरुष होना, डायबिटीज (Diabetes), मोटापा या कार्डिवैस्क्युलर बीमारी थी. लेकिन अब तक निष्क्रिय जीवनशैली इस सूची में शामिल नहीं थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2021, 12:38 PM IST
  • Share this:
वॉशिंगटन. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच एक चिंतित करने वाली खबर आई है. हाल ही में हुई एक स्टडी में पता चला है कि ऐसा कोविड-19 (Covid-19) मरीज जो महामारी से पहले एक्सरसाइज नहीं करता है, तो उसके गंभीर रूप से बीमार होने की आशंकाएं ज्यादा हैं. साथ ही ऐसे मामले में मौत का जोखिम भी बढ़ जाता है. एक्सरसाइज की कमी के अलावा बढ़ती उम्र और ऑर्गन ट्रांसप्लांट ही बड़े कारण हैं.

ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में मंगलवार को प्रकाशित स्टडी में शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग महामारी आने से पहले कम से कम 2 साल तक निष्क्रिय थे, उनके अस्परताल में भर्ती होने, ICU और मौत की आशंकाएं ज्यादा हैं. एक्सपर्ट्स ने बताया धूम्रपान, मोटापा और हाईपरटेंशन की तुलना में 'शारीरिक तौर पर निष्क्रिय होना सबसे ज्यादा बड़ा जोखिम है.'

कोविड-19 के गंभीर संक्रमण का कारण बढ़ती उम्र, पुरुष होना, डायबिटीज, मोटापा या कार्डिवैस्क्युलर बीमारी थी. लेकिन अब तक निष्क्रिय जीवनशैली इस सूची में शामिल नहीं थी. इस बात का पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने अमेरिका में 48 हजार 440 कोविड संक्रमित व्यस्कों पर शोध किया. ये स्टडी जनवरी से अक्टूबर 2020 के बीच की गई थी.

इस दौरान मरीज की औसत उम्र 47 थी. वहीं, 5 में से तीन मरीज महिलाएं थी. उनका औसतन BMI 31 था. स्टडी में शामिल करीब आधे मरीजों को डायबिटीज, क्रोनिक लंग कंडीशन, दिल या किडनी की बीमारी नहीं थी. करीब 20 फीसदी मरीजों के एक बीमारी थी. जबकि, 30 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को दो या उससे ज्यादा बीमारियां थीं.


दुनिया में कोरोना वायरस के अब तक 13 करोड़ 80 लाख 44 हजार 204 मरीज मिल चुके हैं. इनमें से 29 लाख 72 हजार 576 मरीजों की मौत हो चुकी है. फिलहाल सबसे प्रभावित राष्ट्र अमेरिका है. यहां मिले 3 करोड़ 20 लाख 70 हजार 784 मरीजों में से 5 लाख 77 हजार 179 अपनी जान गंवा चुके हैं. आंकड़ों के लिहाज से भारत दूसरा सबसे प्रभावित देश है. ये आंकड़े वर्ल्डोमीटर से लिए गए हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज