न्यूजीलैंड: शूटर ने 2 दिन पहले ही बता दी थी हमले की पूरी प्लानिंग

49 लोगों का हत्यारा मुस्लिमों से बदला लेना चाहता था. उसने अपनी मंशा एक दिन पहले ही सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए 74 पेज के मैनिफेस्टो में जाहिर की थी.

News18Hindi
Updated: March 16, 2019, 9:00 AM IST
न्यूजीलैंड: शूटर ने 2 दिन पहले ही बता दी थी हमले की पूरी प्लानिंग
28 साल का टन टैरेंट हेलमेट लगाकर मस्जिद में घुसा और 'चलो पार्टी शुरू करते हैं' कहते हुए ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगा.
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Updated: March 16, 2019, 9:00 AM IST
न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में शुक्रवार को दो मस्जिदों में गोलबारी हुई. इस घटना में अब तक कम से कम 49 लोगों की जान जा चुकी है. 48 से ज्यादा लोग जख्मी भी हुए हैं. हैरान कर देने वाली बात ये है कि इस घटना को 17 मिनट तक फेसबुक पर लाइव दिखाया गया और ये काम खुद हमलावर ने किया.

न्यूजीलैंड हमला: 'पार्टी शुरू' बोलकर हमलावर ने मस्जिद में बरसाईं गोलियां, अब तक 49 की मौत

28 साल का टन टैरेंट हेलमेट लगाकर मस्जिद में घुसा और 'चलो पार्टी शुरू करते हैं' कहते हुए ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगा. जिस वक्त ये हमला हुआ मस्जिद नमाज़ियों से भरी हुई थी. बांग्लादेश की क्रिकेट टीम भी वहां मौजूद थी. हमला होते ही वहां अफरा-तफरी मच गई. 49 लोगों का हत्यारा मुस्लिमों से बदला लेना चाहता था. उसने अपनी मंशा एक दिन पहले ही सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए 74 पेज के मैनिफेस्टो में जाहिर की थी.



ट्रंप का फैन है न्यूजीलैंड का हमलावर, गोरे रंग को देता है तवज्जो

इसका शीर्षक है, ‘द ग्रेट रिप्लेसमेंट’ यानी महान बदलाव. उसने अपने मैनिफेस्टो में लिखा है कि ‘आक्रमणकारियों को दिखाना है कि हमारी भूमि कभी भी उनकी भूमि नहीं होगी.' हमलावर ने लिखा कि वह एक 28 वर्षीय श्वेत राष्ट्रवादी ऑस्ट्रेलियाई है, जो प्रवासियों से नफरत करता है. वह यूरोप में मुस्लिमों द्वारा किए हमलों का बदला लेना और खौफ पैदा करना चाहता है. इसके साथ ही उसने अप्रवासियों को बाहर निकालकर व्हाइट सुप्रीमेसी कायम करने की बात कही है. हालांकि, उसका दावा है कि उसने यह सब पब्लिसिटी के लिए नहीं किया.

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टेरेंट के नाम से सोशल मीडिया एकाउंट पर यह मैनिफेस्टो पोस्ट किया गया है. उसने लिखा कि जब वह 2017 में पश्चिमी यूरोप की यात्रा कर रहा था, तब घटी एक घटना ने उसे हिंसा के रास्ते पर धकेल दिया. स्टॉकहोम में उज्बेक मूल के शख्स ने भीड़ पर ट्रक चढ़ा दिया, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई थी. इस हमले में 11 साल की स्वीडिश बच्ची की मौत से वह बेहद आहत था. इसके बाद जब वह फ्रांस में हुए हमलों के बाद उसने बदला लेने की ठानी. तीन महीने पहले उसने क्राइस्टचर्च को निशाना बनाने की साजिश रचनी शुरू की थी. उसने लिखा कि उसने पहले एक मस्जिद को निशाना बनाने की साजिश रची थी, लेकिन बाद में अल नूर और दूसरी मस्जिद को चुना.

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का है फैन
'द न्यूजीलैंड हेराल्ड' के मुताबिक, हमलावर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैन है. वह ट्रंप को गोरों की नई पहचान और साझा उद्देश्य के लिए प्रतीक भी मानता है. साथ ही हमलावर को व्हाइट सुप्रीमेसी की सनक भी है. हमला करने से पहले उसने लिखा, "अटैक करने वालों को दिखाना है कि हमारी भूमि कभी उनकी नहीं होगी. जब तक एक भी गोरा व्यक्ति रहेगा, वे कभी जीत नहीं पाएंगे."

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मैनिफेस्टो में हमलावर ने खुद को साधारण श्वेत बताया है. उसका कहना है कि उसके माता-पिता ब्रिटिश मूल के हैं. उसने गोरे लोगों की आबादी बढ़ाने की बात कही है. उसका कहना है कि हमारी फर्टिलिटी रेट कम है, जबकि बाहर से आए प्रवासियों की फर्टिलिटी अधिक है. एक दिन वे गोरों से उनकी जमीन छीन लें.


बिटकॉइन के जरिये कमाए थे काफी पैसे
न्यूजीलैंड मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेरेंट ने बिटकॉइन के जरिये काफी पैसे कमाए. 2011 में वह दुनिया की सैर पर निकल गया. कुछ साल में उत्तर कोरिया और पाकिस्तान समेत कई देशों की यात्रा की थी. इस दौरान उसके अनुभवों ने भी उसे हिंसा का रास्ता चुनने पर मजबूर किया.
(AFP इनपुट के साथ)

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