तुर्की-PAK के बाद अब ईरान भी फ्रांस के विरोध में, कहा- इस्लाम की लोकप्रियता से डर गए हैं

ईरान ने भी मैन्क्रो के बयान पर ऐतराज जाहिर किया.
ईरान ने भी मैन्क्रो के बयान पर ऐतराज जाहिर किया.

Iran accuses France for extremism: ईरान ने भी फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों की इस्लाम और मुसलामनों पर की गई विवादित टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है. ईरान ने कहा है कि मैन्क्रो फ्रांस में इस्लाम की बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 2:57 PM IST
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तेहरान. फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों ( President Emmanuel Macron) की इस्लाम और मुसलमानों के बारे में की गई विवादित टिपण्णी के बाद तुर्की (Turkey), पाकिस्तान (Pakistan) और अरब देशों ने फ्रांस का जमकर विरोध शुरू कर दिया है. पाकिस्तान के बाद ईरान (Iran) की संसद ने भी एक प्रस्ताव पारित करते मैक्रों की आलोचना की है. उधर पाकिस्तान की संसद ने तो फ़्रांस से अपना राजदूत वापस बुलाने की मांग की है.

ईरान की संसद का कहना है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान फ़्रांसीसी सरकार के रुख़ पर सवाल उठाता है. ईरानी संसद की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की कोशिश एक बड़ी योजना का हिस्सा है और मैक्रों फ़्रांस के लोगों में इस्लाम के प्रति बढ़ते आकर्षण को रोकना चाहते हैं. बयान में ये भी कहा गया है कि मैक्रों अपनी इस कोशिश में कामयाब नहीं होंगे और मुस्लिम देश इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद के अपमान के ख़िलाफ़ खड़े होंगे. ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी फ़्रांसीसी राजयनिक को बुलाकर मैक्रों के बयान के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया है.






तुर्की ने दी नसीहत
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन (President Recep Tayyip Erdogan) ने भी इसका समर्थन किया है और फ़्रांसीसी सामान के बहिष्कार की अपील की है. टीवी पर दिए भाषण में उन्होंने कहा, "अगर फ़्रांस में मुसलमानों का दमन होता है तो' दुनिया के नेता मुसलमानों की सुरक्षा के लिए आगे आएँ. फ़्रांसीसी लेबल वाले सामान ना ख़रीदें, उन्हें भाव ना दें." उन्होंने कहा कि फ़्रांस में मुसलमानों के ख़िलाफ़ ऐसा ही अभियान चलाया जा रहा है, जैसा दूसरे विश्व युद्ध से पहले यहूदियों के ख़िलाफ़ चलाया गया था. एर्दोगन ने मैक्रों के इस्लाम और कट्टरपंथी मुसलमानों पर व्यक्त किए विचारों को लेकर कहा कि उन्हें मानसिक उपचार की जरूरत है.

मैक्रों ने पैगंबर मोहम्मद के कार्टून दिखाने के एक फ़्रांसीसी शिक्षक के फ़ैसले का समर्थन किया था. सैमुएल पैटी नाम के इस शिक्षक की हत्या कर दी गई थी. इसके बाद फ़्रांस में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भी हुए थे. मैक्रों ने इसे इस्लामिक आतंकवादी हमला कहा था और ये भी कहा था कि इस्लाम संकट में है. मैक्रों ने इस्लामिक कट्टरपंथी संगठनों पर कार्रवाई का भी ऐलान किया था. इस्लाम पर मैक्रों के बयान को लेकर कई मुस्लिम देश नाराज़ हैं और कई देशों में फ़्रांस के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं. कई देशों ने फ़्रांसीसी सामान के बहिष्कार की भी अपील की है.
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