UAE से नाराज हुए ईरान और तुर्की, इजराइल के साथ समझौते को 'गद्दारी' करार दिया

फाइल फोटो.

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तुर्की और ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात और इजराइल के बीच हुए समझौते पर नाराजगी जाहिर की है. और कहा है कि यूएई (UAE) ने कभी इजराइल (Israel) के साथ युद्ध नहीं लड़ा और दोनों देशों के बीच कई सालों से संबंध सुधारने की कवायद जारी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 14, 2020, 6:39 PM IST
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तेहरान. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा इजराइल के साथ अपने राजनयिक संबंध सामान्य करने पर ईरान और तुर्की (Iran And Turkey) ने शुक्रवार को उस पर गहरी नाराजगी जाहिर की. दोनों देशों ने यूएई पर फलस्तीन से वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया. अमेरिका की मध्यस्थता में हुए समझौते को ईरान के विदेश मंत्रालय ने 'फलस्तीनी और सभी मुस्लिमों की पीठ पर खंजर मारना करार दिया है.' तुर्की ने कहा कि लोग यूएई के इस कपटपूर्ण बर्ताव को कभी नहीं भूलेंगे और न ही माफ करेंगे. यूएई ने कभी इजराइल के साथ युद्ध नहीं लड़ा और दोनों देशों के बीच कई सालों से संबंध सुधारने की कवायद जारी थी.

यूएई ने कहा कि इस समझौते से इजराइल की उस योजना पर लगाम लगी है जिसके तहत वह पश्चिमी तट के कब्जे वाले इलाकों पर एकतरफा अधिकार करना चाहता था. लेकिन तुर्की के विदेश मंत्रालय का कहना है कि यूएई को फलस्तीन की ओर से इजराइल के साथ समझौता करने का कोई अधिकार नहीं है. तुर्की ने कहा कि फलस्तीन के लिए महत्व रखने वाले मुद्दों पर बात करने का यूएई को कोई हक नहीं है. इस समझौते से मिस्र और जॉर्डन के बाद यूएई, इजराइल के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध रखने वाला तीसरा अरब देश बन जाएगा. फलस्तीन ने इस समझौते को 'गद्दारी' करार दिया है और अरब और मुस्लिम देशों से इसका विरोध करने को कहा है.

अमेरिका ने दी थी समझौते की जानकारी
बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को इजरायल और यूएई के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते का ऐलान किया था. उन्होंने कहा, दोनों देश पूर्ण राजनयिक संबंध बनाने के लिए सहमत हुए हैं. इस समझौते के बाद यूएई अरब देशों में पहला मुल्क बन गया है, जिसने इजरायल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं. वाइट हाउस ने जानकारी दी है कि इस समझौते के कारण इजरायल ने वेस्ट बैंक इलाके में कब्जा करने की योजना को टाल दिया है. बताया गया कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अबुधाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद और डोनाल्ड ट्रंप के बीच गुरुवार को फोन पर हुई चर्चा के बाद इस समझौते की मंजूरी दी गई है.
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द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर
बयान में कहा गया है कि इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधिमंडल आने वाले हफ्तों में निवेश, पर्यटन, सीधी उड़ान, सुरक्षा, दूरसंचार और अन्य मुद्दों पर द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे. दोनों देशों से जल्द ही राजदूतों और दूतावासों के आदान-प्रदान की उम्मीद की जा रही है. इसके अलावा दोनों देश अबुधाबी से तेल अवीव तक फ्लाइट की शुरुआत भी करेंगे. जिससे यूएई के मुसलमान यरुशलम के ओल्ड सिटी में अल-अक्सा मस्जिद जा सकेंगे. इजरायल और यूएई कोरोना वायरस की वैक्सीन के क्षेत्र में भी मिलकर काम करेंगे. वहीं इजरायल वेस्ट बैंक इलाके में कब्जे की कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाएगा.
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