ईरान ने अमेरिका और इजराइल को सुलेमानी से जुड़ी जानकारी देने वाले को मौत की सजा दी

ईरान ने अमेरिका और इजराइल को सुलेमानी से जुड़ी जानकारी देने वाले को मौत की सजा दी
जनरल कासिम सुलेमानी (File Photo)

ईरान ने अमेरिका और इज़राइल को रिवॉल्युशनरी गार्ड के जनरल कासिम सुलेमानी (General Qasem soleimani) के बारे में जानकारी देने वाले को मौत की सजा दी.

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तेहरान. ईरान (Iran) ने अमेरिका और इज़राइल को रिवॉल्युशनरी गार्ड के जनरल कासिम सुलेमानी (General Qasem soleimani) के बारे में जानकारी देने वाले को मौत की सजा (Death Punishment) दे दी. सुलेमानी अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे. सरकारी टेलीविजन ने सोमवार को एक खबर में विस्तृत जानकारी दिए बिना दोषी मोहम्मद मुसवी मजद को मौत की सजा दी जाने की जानकारी दी.

सुलेमानी जनवरी माह में ड्रोन हमले में मारे गए थे.

देश की न्यायपालिका ने जून में कहा था कि मजद सीआईए और इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद से जुड़ा था और गार्ड और इसकी अभियान इकाई की जानकारी भी साझा की थी. सुलेमानी बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में जनवरी में मारे गए थे. ईरान ने जून की शुरूआत में रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी की खुफिया जानकारी अमेरिका और इजराइल को देने के दोषी व्यक्ति को मौत की सजा देने की घोषणा. गौरतलब है कि इस साल जनवरी में अमेरिकी ड्रोन ने बगदाद में हमला कर सुलेमानी को मार डाला था. ईरान की न्यायपालिका के प्रवक्ता गुलाम हुसैन इस्माइली ने दोषी के बारे में बहुत कम जानकारी दी. उन्होंने सिर्फ यह बताया कि उसका नाम महमूद मौसवी मज्द है.



उठ रहे हैं ये सवाल...
हालांकि, यह सवाल भी उठा था कि मज्द को कैसे सुलेमानी की यात्रा संबंधी जानकारी मिली. इस्माइली ने मज्द पर आरोप लगाया था कि गार्ड और अभियान इकाई की सुरक्षा जानकारी उसने साझा की थी. इस इकाई को कुद्स या येरुशलम बल भी कहा जाता है कि जिसकी कमान सुलेमानी के हाथों में थी.

इस्माइली ने आरोपी मज्द पर लगाया ये आरोप

इस्माइली ने आरोप लगाया कि मज्द अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद से जुड़ा हुआ है. बहरहाल, इस संबंध में उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किए और ना ही खुफिया एजेंसी से प्रतिक्रिया के लिए तत्काल संपर्क हो पाया है.

फांसी की तारीख अभी नहीं हुई है तय: इस्माइली

उल्लेखनीय है कि तीन जनवरी को बगदाद में हुए हमले में इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलीशिया के उप कमांडर अबू मेहदी अल मुहांदीस की भी मौत हो गई थी. इस मिलीशिया समूह को पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स भी कहा जाता है. इनके अलावा अमेरिकी हमले में मिलीशिया के हवाई अड्डा प्रोटोकॉल अधिकारी मोहम्मद रेदा सहित पांच अन्य भी मारे गए थे.

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ईरान ने सुलेमानी की हत्या के बदले में इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी थीं. उसी रात रिवोल्यूशनरी गार्ड ने गलती से यूक्रेन के यात्री विमान को मार गिराया था जिसमें 176 लोगों की मौत हो गई थी.
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