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ईरान कर रहा परमाणु परीक्षण की तैयारी, चिंता में है फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, ईयू

पीटीआई
Updated: November 12, 2019, 10:23 AM IST
ईरान कर रहा परमाणु परीक्षण की तैयारी, चिंता में है फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, ईयू
फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने संयुक्त रूप से कहा है कि वे ईरान के परमाणु गतिविधियों को फिर से शुरू करने से बेहद चिंतित हैं.

इस्लामिक गणतंत्र ईरान (Iran) ने कहा है कि जेसीपीओए (JCPoA) के आधार पर उसे बाध्य नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि अमेरिका (America) पिछले साल समझौते से एकतरफा बाहर हो गया था.

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पेरिस. फ्रांस (France), जर्मनी (Germany), ब्रिटेन (Britain) और यूरोपीय संघ (European Union) ने कहा है कि वे ईरान के प्रमुख स्थलों में से एक में परमाणु गतिविधियों को फिर से शुरू करने के उसके निर्णय से बेहद चिंतित हैं. इन सबने कहा है कि इससे 2015 में अंतरराष्ट्रीय शक्तियों के साथ किया गया ईरान का समझौता भंग हो गया है. 11 नवंबर को जारी अपनी रिपोर्ट में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान के परमाणु गतिविधियों को फिर से शुरू करने की पुष्टि की है. यूरोपीय संघ ने कहा, ईरान को बिना किसी देरी के जेसीपीओए के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं के पूर्ण कार्यान्वयन पर वापस लौटना होगा.

समझौते को बनाए रखने के प्रयासों को जारी रखने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं
सोमवार को संयुक्त बयान जारी कर फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के विदेश मंत्री और यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि ने कहा कि, वे ईरान की इस नवीनतम घोषणा से बेहद चिंतित हैं कि वह फोर्डो सुविधा में यूरेनियम संवर्धन गतिविधियों को फिर से शुरू कर रहा है. फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘हम सभी पक्षों द्वारा जेसीपीओए के पूर्ण और प्रभावी कार्यान्वयन के महत्व को रेखांकित करते हैं और समझौते को बनाए रखने के सभी प्रयासों को जारी रखने के अपने दृढ़ संकल्प की पुष्टि करते हैं’.

जेसीपीओए के आधार पर बाध्य नहीं किया जाना चाहिए: ईरान

पेरिस, बर्लिन, लंदन और ब्रुसेल्स ने कहा कि ईरान की यह कार्रवाई 2015 की संयुक्त व्यापक योजना, या जेसीपीओए के साथ असंगत है, जिसके तहत तेहरान ने आर्थिक प्रतिबंध हटाने पर अपनी कुछ परमाणु गतिविधियों, विशेष रूप से यूरेनियम संवर्धन पर अंकुश लगाने पर अंकुश लगाने के लिए सहमति व्यक्त की थी. संयुक्त बयान में कहा गया है कि, ‘तेहरान का ताजा फैसला जेसीपीओए के तहत प्रतिबद्धताओं से ईरान के हटने का एक खेदजनक त्वरण का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें संयुक्त रूप से कम समृद्ध यूरेनियम भंडार और अधिकतम अनुमत संवर्धन सीमा शामिल है.’

ईरान का यूरेनियम भंडार 551 किलोग्राम के बराबर पहुंचा
IAEA ने सोमवार को ईरान पर अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि उसने ईरान के एक अघोषित स्थल पर यूरेनियम कणों का पता लगाया है. रिपोर्ट में यह भी पुष्टि की गई है कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को बढ़ावा दिया है. ईरान का यूरेनियम भंडार अब 551 किलोग्राम के बराबर पहुंच गया है, जो कि जेसीपीओए (JCPoA) में रखी गई 300 किलोग्राम की सीमा से अधिक है.यह भी पढ़ें - 

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First published: November 12, 2019, 4:04 AM IST
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