ईरान ने पाकिस्‍तान पर की सर्जिकल स्‍ट्राइक! छुड़ा ले गए अपने दो सैनिक

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पाकिस्तान में घुसकर अपने 2 सैनिकों को रिहा करा लिया है.

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पाकिस्तान में घुसकर अपने 2 सैनिकों को रिहा करा लिया है.

ईरान (Iran) के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने पाकिस्तान (Pakistan) में घुसकर अपने 2 सैनिकों को रिहा करा लिया है. ये सैनिक 2018 में किडनैप किए गए 12 सैनिकों में शामिल थे. अनादोलू एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान के भीतर खुफिया जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 2:02 PM IST
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तेहरान. पाकिस्‍तान (Pakistan) में एक बार फिर सर्जिकल स्‍ट्राइक (Surgical Strike) की खबर है. इस बार पाकिस्‍तान में ये सर्जिकल स्‍ट्राइक ईरान (Iran) ने की है. खबर है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने पाकिस्तान में घुसकर अपने 2 सैनिकों को रिहा करा लिया है. ये सैनिक 2018 में किडनैप किए गए 12 सैनिकों में शामिल थे. अनादोलू एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान के भीतर खुफिया जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.

दक्षिण-पूर्व ईरान में IRGC ग्राउंड फोर्स की ओर से बयान जारी करते हुए कहा गया है कि, आतंकी संगठन जैश उल-अदल की ओर से करीब ढाई साल पहले बंधक बनाकर रखे गए बॉर्डर गार्ड्स के दो सैनिकों को बचाने के लिए मंगलवार रात एक सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. इस ऑपरेशन में दोनों सैनिकों को पाकिस्‍तान में घुसकर सुरक्षित निकाल लिया गया है. फोर्स के मुताबिक दोनों सैनिकों को ईरान भेज दिया गया है. फोर्स की ओर से जानकारी दी गई है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया है.

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जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के एक कट्टरपंथी वहाबी आतंकवादी संगठन 'जैश उल-अदल' ने 16 अक्टूबर, 2018 को दोनों देशों की सीमा पर बलूचिस्तान प्रांत के मर्कवा शहर से IRGC के 12 गार्ड्स का अपहरण कर लिया था. इन सभी गार्ड्स का अपहरण कर उन्‍हें बलूचिस्‍तान प्रांत में रखा गया था. इसके बाद दोनों देशों के सैन्‍य अधिकारियों की एक ज्‍वॉइंट कमिटी बनाई गई और 12 सैनिकों में से 5 सैनिकों को रिहा कर दिया गया. नवंरब 2018 में 5 सैनिकों को रिहा करने के बाद 21 मार्च 2019 को पाकिस्तानी सेना ने 4 और सैनिकों को मुक्त कराया था.
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बता दें कि जैश उल-अदल या जैश अल-अदल एक सलाफी जिहादी आतंकी संगठन है जो मुख्यतौर पर दक्षिणी-पूर्वी ईरान में सक्रिय है. ये आतंकी संगठन ईरान में कई सैन्‍य ठिकानों पर हमले भी कर चुका है.
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