अमेरिकी पाबंदियों से राहत को परमाणु समझौते से दूर हुआ ईरान, नई शर्तों के लिए दिए 60 दिन

राष्ट्रपति हसन रुहानी ने कहा, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से अतिरिक्त यूरेनियम का निर्यात रोक देगा. इसकी सहमति 2015 के परमाणु समझौते के तहत बनी थी.

News18Hindi
Updated: May 9, 2019, 1:57 AM IST
अमेरिकी पाबंदियों से राहत को परमाणु समझौते से दूर हुआ ईरान, नई शर्तों के लिए दिए 60 दिन
ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने कहा, वह अपने परमाणु कार्यक्रम से अतिरिक्त यूरेनियम का निर्यात रोक देंगे.
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Updated: May 9, 2019, 1:57 AM IST
अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत के लिए ईरान ने परमाणु समझौते से दूरी बना ली है. ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बुधवार को कहा कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम से अतिरिक्त यूरेनियम का निर्यात रोक देंगे. इस मामले में 2015 के परमाणु समझौते के तहत सहमति बनी थी. साथ ही उन्होंने बृहद यूरेनियम संवर्धन शुरू करने से पहले समझौते में नई शर्तें जोड़ने के लिए 60 दिन की समय सीमा भी तय कर दी है.

परमाणु समझौते के सभी साझेदारों से बात करना चाहता है ईरान

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ठीक एक साल पहले परमाणु समझाैते से अलग होने का फैसला किया था. रूहानी ने कहा कि ईरान समझौते में बाकी बचे साझेदारों के साथ नई शर्तों पर बातचीत करना चाहता है. हालांकि, उन्होंने माना कि स्थिति भयावह है. उन्होंने परमाणु समझौते में सुधार करने की वकालत की. उनके मुताबिक, पिछले साल किए गए उपायों का खास असर नहीं हुआ है. ये सुधार समझौते को बचाने के लिए हैं न कि उसे खत्म करने के लिए.

अमेरिका ने समझौते से हटने के बाद लगा दी थीं पाबंदियां 

2015 के समझौते के तहत परमाणु कार्यक्रमों को सीमित करने के एवज में ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटा लिया गया था. अमेरिका के इस सौदे से हटने के बाद उसने ईरान पर फिर पाबंदियां लगा दी थीं. इससे ईरान में गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया था. ईरान ने अपने फैसले के बारे में ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, जर्मनी और यूरोपीय संघ को बुधवार को पत्र भेजा है. ये सभी देश परमाणु समझौते में शामिल हैं. इन सभी देशों ने समझौते को समर्थन देना जारी रखा है. रूस को भी एक पत्र भेजा गया है.

ईरान ने नए प्रतिबंधों पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी 

रूहानी ने कहा कि अगर पांच देश बातचीत में शामिल होते हैं और ईरान को तेल और बैंकिंग क्षेत्र में काम करने देने में मदद करते हैं तो ईरान परमाणु समझौते के मुताबिक अपनी प्रतिबद्धताओं की तरफ लौट आएगा. हालांकि, रूहानी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के जरिये ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की कोशिश पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी भी दी है.
जावेद जरीफ ने अलग से जारी की चेतावनी 

ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ बुधवार को अपने रूसी समकक्ष से मुलाकात करने मॉस्को पहुंच गए. जरीफ ने मॉस्को से अलग चेतावनी जारी की. उन्होंने ट्वीट किया, 'एक साल के धैर्य के बाद ईरान ने उन कदमों को रोक दिया है, जिन्हें जारी रखना अमेरिका ने नामुमकिन बना दिया है. विश्व शक्तियों के पास इसे पलटने के लिए सीमित समय है.'

2015 में वैश्विक ताकतों के साथ किया था समझौता 

ईरान ने 2015 में वैश्विक ताकतों के साथ परमाणु समझौता किया था. पश्चिमी देशों को लंबे समय से डर सता रहा था कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के जरिये परमाणु हथियार विकसित कर सकता है. ईरान हमेशा से कहता रहा है कि उसके कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों को पूरा करने के लिए हैं. समझौते की शर्तों के मुताबिक, ईरान 300 किग्रा से ज्यादा संवर्धित यूरेनियम जमा नहीं कर सकता है.

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