ईरान में बेरोजगारी और भुखमरी के चलते विरोध व प्रदर्शन में तिगुना इजाफा: पुलिस प्रमुख

ईरान में बेरोजगारी और भुखमरी के चलते विरोध व प्रदर्शन में तिगुना इजाफा: पुलिस प्रमुख
ईरान में बेरोजगारी-भुखमरी के चलते विरोध व प्रदर्शन में तिगुना इजाफा हुआ है.

ईरान पुलिस प्रमुख (Iran Police Chief) ने कहा कि देश के दुश्मन अवैध तरीके से विरोध और प्रदर्शन कर रहे हैं और इसमें अतीत के मुकाबले वर्तमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 13, 2020, 11:22 AM IST
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तेहरान. ईरान (IRAN) के उत्तर पूर्वी प्रांत खुरसान राजावी (Khorasan Razavi) में विरोध और प्रदर्शन (Protest) में तिगुना बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. ईरान पुलिस प्रमुख (Iran Police Chief) ने कहा कि देश के दुश्मन अवैध तरीके से विरोध और प्रदर्शन कर रहे हैं और इसमें अतीत के मुकाबले वर्तमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. पुलिस प्रमुख ने कहा कि खुरसान राजावी पुलिस का ​सरकार के खिलाफ विरोध जैसे मुद्दों पर नियंत्रण करने का रिकॉर्ड बहुत बढ़िया है.

तीस फीसदी आबादी के पास नहीं है नौकरी

ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद की आबादी करीब 30 लाख है. इस आबादी का तीस फीसदी यानि 10 लाख के करीब लोगों के पास नौकरी नहीं हैं. यहां की एक बड़ी आबादी के पास दो वक्त की रोजीरोटी नहीं है. इन सब परिस्थितियों के चलते यह शहर वर्चुअल बम पर बैठा है.



राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं ईरानी
मशहद में 28 दिसंबर 2017 को जोरदार प्रदर्शन शुरू हुआ और देखते ही देखते ईरान के अन्य शहरों में फैल गया. मशहद में हुए वर्ष 2018 और 2019 में हुए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन में ईरानियों ने बढ़—चढ़ कर भाग लिया.

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मशहद में एक ओर भयानक गरीबी है तो दूसरी ओर कुछ लोगों की प्रॉपर्टी में लगातार इजाफा हो रहा है. इस धार्मिक शहर में एक रियल स्टेट का धंधा करने वाले के पास 20 बिलियन डॉलर की प्रॉपर्टी है.

ईरान के पश्चिम-दक्षिण में रिफाइनरी में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर तेल और गैस क्षेत्र के कर्मचारियों ने लंबे समय तक हड़ताल किया हुआ था. ये कर्मचारी रिफाइनरी में 50 डिग्री तापमान में काम करने को मजबूर हैं. यहां के सुगरकेन इंडस्ट्री में कई महीनों से हड़ताल जारी है.
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