अमेरिका और इराक का दावा, ईरान ने गलती से मार गिराया यूक्रेन का विमान

अमेरिका और इराक का दावा, ईरान ने गलती से मार गिराया यूक्रेन का विमान
यूक्रेन के विमान का मलबा (AP Photo/Ebrahim Noroozi)

यूक्रेन (Ukraine ) के विमान ने बुधवार सुबह 6:12 बजे उड़ान भरी थी. विमान ने तेहरान (Tehran) के इमाम खुमेनी एयरपोर्ट से करीब एक घंटे की देरी से उड़ान भरी. विमान पश्चिम की ओर करीब 8000 फुट की ऊंचाई पर पहुंच गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 9, 2020, 11:06 PM IST
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वॉशिंगटन/बगदाद. ईरान (Iran) और अमेरिका (America) के विवाद के दौरान बीते दिनों यूक्रेन (Ukraine) का एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में नया खुलासा हुआ है. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने दावा किया है कि यूक्रेन का विमान ईरान की एक एंटी एयर क्राफ्ट मिसाइल सिस्टम से मार गिराया गया है.

समाचार वेबसाइट News Week ने दावा किया है कि इराक और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है. यूक्रेन का एक विमान बुधवार को तेहरान के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस दुर्घटना में क्रू मेंबर्स सहित विमान में सवार 176 यात्री मारे गए थे. इस दावे में ये भी कहा गया है कि ऐसा ज़रूरी नहीं है कि विमान को जानबूझकर निशाना बनाया गया हो, ये गलती से ही हुआ होगा.





'गलती से ऐसा हुआ'
वेबसाइट के अनुसार अमेरिकी वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने बताया कि पेंटागन का मानना है कि यह घटना गलती से हुई. सूत्रों ने कहा कि बगदाद में ईरानी मिसाइल हमले के बाद ईरान का एंटी क्राफ्ट सिस्टम संभवतः एक्टिव था. गौरतलब है कि विमान में विभिन्न देशों के 167 यात्री और चालक दल के नौ सदस्य थे जिनमें से 82 ईरानी नागरिक, 63 कनाडाई और 11 यूक्रेन के नागरिक थे.

News Week के अनुसार जिस एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम से विमान को मार गिराया गया वह रूस का बना हुआ था. तीन अधिकारियों ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि विमान को रूस निर्मित टोर-एम 1 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम से मारा गया था, जिसे नाटो को गौंटलेट के रूप में जाना जाता है.

ईरान का कड़ा रुख कायम
ईरान के अंतरिक्ष कार्यक्रम की अगुवाई करने वाले ब्रिगेडियर जनरल ने कहा कि बुधवार तड़के उनके बलों ने इराक में अमेरिकी ठिकानों पर 13 मिसाइलें ही दागी थीं, हालांकि वे सैकड़ों मिसाइलें दागने को तैयार थे. जनरल अमीर अली हाजीज़ादा ने ईरान के सरकारी टीवी से यह भी कहा कि उनके बलों ने उसी समय पर इराक में अमेरिकी सैन्य निगरानी सेवा पर साइबर हमले किए थे. उन्होंने कहा कि मिसाइल हमले में अमेरिकी बलों के दर्जनों सैनिकों की मौत हुई है और जख्मी हुए हैं लेकिन इस अभियान के जरिए हमारा मकसद किसी की जान लेना नहीं था बल्कि दुश्मन के सैन्य तंत्र पर आघात करना था.

बहरहाल, अमेरिका ने कहा है कि मिसाइल हमले में कोई अमेरिकी नहीं मारा गया है. इस बीच, यूरोपीय संघ के एक शीर्ष अधिकारी ने ईरानी राष्ट्रपति से 'अपरिवर्तनीय कदमों' से बचने का आग्रह किया है जो ईरान परमाणु समझौते को नुकसान पहुंचा सकता हैं. इस समझौते का मकसद देश को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है. यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने राष्ट्रपति हसन रूहानी से बात की. यह वार्ता यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की शुक्रवार को होने वाली बैठक से पहले हुई है. इस बैठक में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर चर्चा की जाएगी. यूरोपीय काउंसिल की ओर से बृहस्पतिवार को जारी बयान के अनुसार, रूहानी ने कहा कि उनका देश यूरोपीय संघ के साथ "करीबी सहयोग" जारी रखना चाहता है.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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