इराक : पूर्व खुफिया प्रमुख मुस्तफा अल-कदीमी बने प्रधानमंत्री, अमेरिका ने किया स्‍वागत

इराक : पूर्व खुफिया प्रमुख मुस्तफा अल-कदीमी बने प्रधानमंत्री, अमेरिका ने किया स्‍वागत
मुस्तफा अल-कदीमी ने शपथ लेते ही कहा कि 'यह सरकार समस्याओं का समाधान देगी.' फोटो साभार/ट्विटर

कदीमी ने ऐसे समय में प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभाला है, जब तेल राजस्व में गिरावट के बीच इराक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है.

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बगदाद. इराक (Iraq) में कोरोना वायरस (Corona virus) वैश्विक महामारी के कारण पैदा हुए गंभीर आर्थिक संकट के बीच खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख मुस्तफा अल-कदीमी (Mustafa Al-Kadhimi) ने देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली. संसद सत्र में 255 सांसदों ने भाग लिया और इराक के प्रधानमंत्री के तौर पर मुस्तफा अल-कदीमी के नाम के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिससे देश में पांच महीने से चल रहा नेतृत्व का संकट खत्म हो गया.

'यह सरकार समस्याओं का समाधान देगी'
कदीमी को जब प्रधानमंत्री पद के लिए मनोनीत किया गया था, तो उन्होंने खुफिया प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने ऐसे समय में प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभाला है, जब तेल राजस्व में गिरावट के बीच इराक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है. कदीमी ने सत्र के दौरान सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, 'यह सरकार हमारे देश के सामने आ रहे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संकट से निपटने के लिए आई है. यह सरकार समस्याओं का समाधान देगी, न कि संकट बढ़ाएगी.' वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने नई सरकार का स्वागत किया. गौरतलब है कि 2003 के बाद से अल-कदीमी इराक के छठे प्रधानमंत्री हैं. इसके लिए संसद सत्र में 255 सांसदों ने भाग लिया. इसके बाद मुस्तफा अल-कदीमी के नाम के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.

इराक के संविधान के मुताबिक अगर मंत्रिमंडल के आधे से अधिक प्रस्तावित पदों को मंजूरी दे दी जाती है, तो सरकार बन सकती है. कदीमी पत्रकार भी रह चुके हैं और प्रधानमंत्री बनने से पहले वह खुफिया प्रमुख के पद पर थे. फिलहाल उन्‍होंने इससे इस्तीफा दे दिया था. इराक में सत्तारूढ़ सरकार को हटाने की मांग को लेकर पिछले साल लोग सड़कों पर उतर आए थे. इसके बाद इराक के पूर्व प्रधानमंत्री आदेल अब्दुल महदी, जो देश के कार्यवाहक प्रशासन का नेतृत्व कर रहे थे, उन्होंने पिछले साल हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद इस पद से इस्तीफा दिया था. दरअसल, इराक में लोगों ने भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ बीते साल अक्टूबर से प्रदर्शन करना शुरू किया था. इनमें बड़ी तादाद में कॉलेज के छात्र शामिल हुए थे.
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