अफगान सेना ने इस्लामिक स्टेट आतंकियों के कब्जे से छुड़ायी जेल, 39 की मौत

अफगानिस्तान आतंकी हमला, जेल से भागे 400 से ज्यादा आतंकी
अफगानिस्तान आतंकी हमला, जेल से भागे 400 से ज्यादा आतंकी

जलालाबाद (Jalalabad jail) में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (Islamic State-IS) के आतंकियों के साथ घंटों तक चली मुठभेड़ के बाद अफगान सेना ने जेल को अपने नियंत्रण में ले लिया है. इस हमले के जरिए आतंकी अपने करीब 400 साथियों को छुड़ाने में सफल रहे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 8:13 AM IST
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जलालाबाद. पूर्वी अफगानिस्तान (Afghanistan) के नंगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद (Jalalabad jail) में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (Islamic State-IS) के आतंकियों के साथ घंटों तक चली मुठभेड़ के बाद अफगान सेना ने जेल को अपने नियंत्रण में ले लिया है. इस हमले के जरिए आतंकी अपने करीब 400 साथियों को छुड़ाने में सफल रहे. इस आतंकवादी हमले में अभी तक 39 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है जबकि सैंकड़ों घायल बताए जा रहे हैं.

अफगान सेना के अधिकारियों ने सोमवार देर शाम बताया कि जेल पर नियंत्रण वापस पा लिया गया है और अन्दर मौजूद आतंकियों को मार गिराया गया है. हालांकि इस मुठभेड़ के दौरान 400 कैदी फरार हो गए हैं. फरार कैदियों में से ज्यादातर इस्लामिक स्टेट आतंकी ही हैं. एक अनुमान के मुताबिक अफगानिस्तान की इस जेल में हजारों की संख्या में आईएस आतंकी मौजूद थे. इस हमले से अफगानिस्तान के समक्ष आने वाले चुनौतियों का संकेत मिलता है. अमेरिका द्वारा तालिबान के साथ शांति संधि करने के बाद अमेरिका और नाटो के सैनिक वापस जाने लगे हैं. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता फवाद अमान ने बताया कि काबुल से करीब 115 किलोमीटर दूर जलालाबाद में सुरक्षाबलों ने सोमवार को इस जेल को अपने नियंत्रण में ले लिया. जेल को सुरक्षाबलों द्वारा अपने नियंत्रण में ले लेने के कई घंटे बाद भी आतंकवादी आसपास की इमारतों से छिप कर गोलीबारी करते रहे.

10 आतंकी मारे गए, तालिबान ने पल्ला झाड़ा
प्रांतीय परिषद सदस्य अजमल उमर ने बताया कि मारे गए लोगों में कम से कम 10 आईएस के आतंकवादी हैं जो जलालाबाद में जेल से अपने साथियों को रिहा करने के लिए किये गए हमले में शामिल थे. बाकी कैदी, नागरिक और अफगान बल हैं. इस संबंध में कोई आधारिक जानकारी नहीं दी गई. रविवार को तब हमला शुरू हुआ था जब इस्लामिक स्टेट के एक आत्मघाती बम हमलावर विस्फोटक से लदा एक वाहन लेकर जेल के गेट पर पहुंचा और उससे धमाका कर दिया. इसी बीच इस्लामिक स्टेट के दूसरे आतंकवादी गोलियां चलाने लगे और अंदर घुस गये.





हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह से संबद्ध एक संगठन ने ली है जिसे खुरासान प्रांत में आईएस के नाम से जाना जाता है. इस आतंकवादी संगठन ने नंगरहार प्रांत में अड्डा बनाया है. समझा जाता है कि जलालाबाद में सैंकड़ों कैदी इस्लामिक स्टेट के सदस्य हैं. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब एक दिन पहले ही अधिकारियों ने बताया था कि अफगान विशेष बलों ने जलालाबाद के निकट आईएस के एक शीर्ष आतंकी कमांडर को मार गिराया है. आईएस के आतंकवादियों का तालिबान के साथ संघर्ष चल रहा है. तालिबान के राजनीतिक प्रवक्ता सुहेल शाहीन ने 'एपी' को बताया कि जलालाबाद जेल हमले में उनका समूह शामिल नहीं है. अमेरिका ने तालिबान के साथ फरवरी में शांति समझौता किया था. उन्होंने कहा, 'हमारा संघर्ष विराम चल रहा है और देश में कहीं भी इस तरह के हमले में हम शामिल नहीं हैं.' तालिबान ने ईद के मद्देनजर शुक्रवार से तीन दिन के संघर्ष विराम का ऐलान किया था.

इमरान बोले- अफगानिस्तान में शीघ्र वार्ता होगी
उधर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान में दशकों पुराने खून-खराबे के खात्मे के लिए सोमवार को शीघ्र ही अंदरूनी वार्ता की उम्मीद प्रकट की. प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने अफगान शांति प्रक्रिया पर चर्चा की. गनी ने खान को बकरीद की बधाई देने के लिए फोन किया था. बयान के अनुसार प्रधानमंत्री खान ने उम्मीद जतायी की कि अमेरिका तालिबान शांति वार्ता को पूरी तरह लागू करने के लिए वर्तमान गति और जोर पकड़ेगी और अफगानिस्तान में घरेलू वार्ता शीघ्र ही शुरू होगी. खान ने शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान के योगदान की चर्चा की और अफगानिस्तान में शांति को बड़ा महत्वपूर्ण करार दिया. बता दे कि पाकिस्तान सेना की गोलीबारी में 22 अफगान नागरिकों की मौत के बाद दोनों देशों में तनाव की स्थिति है.
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